बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
तब मयना हिमवंतु अनंदे। पुनि पुनि पारबती पद बंदे।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दतब मैना और हिमवान् आनन्दमें मग्न हो गये और उन्होंने बार-बार पार्वतीके चरणोंकी वन्दना की। स्त्री, पुरुष, बालक, युवा और वृद्ध नगरके सभी लोग बहुत प्रसन्न हुए॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 113 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
तब मयना हिमवंतु अनंदे। पुनि पुनि पारबती पद बंदे।।
नारि पुरुष सिसु जुबा सयाने। नगर लोग सब अति हरषाने।।
स्रोत अभिलेख 1.99 · पुस्तक पृ. 113, 113
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 तब मयना हिमवंतु अनंदे। पुनि पुनि पारबती पद बंदे।।
English explanation
AI draft: Then Maina and Himavan rejoiced and repeatedly bowed at Parvati’s feet.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तब | तब | then |
| मयना | मैना, पार्वती की माता | Maina, Parvati’s mother |
| हिमवंतु | हिमवान, पार्वती के पिता | Himavan, Parvati’s father |
| अनंदे | आनंदित हुए | rejoiced |
| पुनि | फिर | again |
| पुनि | फिर | again |
| पारबती | पार्वती के | of Parvati |
| पद | चरण | feet |
| बंदे | वंदना की | bowed in reverence |
2 नारि पुरुष सिसु जुबा सयाने। नगर लोग सब अति हरषाने।।
English explanation
All the townspeople—women, men, children, youths, and elders—were greatly delighted.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| नारि | स्त्रियाँ | women |
| पुरुष | पुरुष | men |
| सिसु | बच्चे | children |
| जुबा | युवा | young people |
| सयाने | बड़े-बूढ़े | elders |
| नगर | नगर के | of the town |
| लोग | लोग | people |
| सब | सभी | all |
| अति | बहुत | greatly |
| हरषाने | हर्षित हुए | rejoiced |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.99
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 113
- सहायक विषय
- शिवजीकी विचित्र बारात और विवाहकी तैयारी
- मुद्रित पृष्ठ
- 113, 113
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।