बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
लगे होन पुर मंगलगाना। सजे सबहि हाटक घट नाना।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दनगरमें मङ्गलगीत गाये जाने लगे और सबने भाँति-भाँतिके सुवर्णके कलश सजाये। पाकशास्त्रमें जैसी रीति है, उसके अनुसार अनेक भाँतिकी ज्योनार हुई (रसोई बनी)॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 113 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
लगे होन पुर मंगलगाना। सजे सबहि हाटक घट नाना।।
भाँति अनेक भई जेवराना। सूपसास्त्र जस कछु ब्यवहारा।।
स्रोत अभिलेख 1.99 · पुस्तक पृ. 113, 113
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 लगे होन पुर मंगलगाना। सजे सबहि हाटक घट नाना।।
English explanation
Auspicious songs began in the town, and everyone arranged golden ceremonial pots of various kinds.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| लगे | लगे | began |
| होन | होने | to take place |
| पुर | नगर में | in the town |
| मंगलगाना | मंगलगीतों का गायन | singing of auspicious songs |
| सजे | सजाए | arranged and adorned |
| सबहि | सभी ने | by everyone |
| हाटक | सोने के | golden |
| घट | कलश | ceremonial pots |
| नाना | अनेक प्रकार के | of various kinds |
2 भाँति अनेक भई जेवराना। सूपसास्त्र जस कछु ब्यवहारा।।
English explanation
Many kinds of food were prepared according to the practices prescribed by the culinary art.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| भाँति | प्रकार से | in ways |
| अनेक | अनेक | many |
| भई | हुई | was made |
| जेवराना | भोज की व्यवस्था | feast preparation |
| सूपसास्त्र | पाकशास्त्र में | in culinary treatises |
| जस | जैसा | as |
| कछु | जो कुछ | whatever |
| ब्यवहारा | विधान या प्रचलित विधि है | practice or procedure is prescribed |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.99
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 113
- सहायक विषय
- शिवजीकी विचित्र बारात और विवाहकी तैयारी
- मुद्रित पृष्ठ
- 113, 113
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