बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
जौ बिधि बस अस बनै सँजोगू। तौ कृतकृत्य होइ सब लोगू।।
मूल पाठ
जौ बिधि बस अस बनै सँजोगू। तौ कृतकृत्य होइ सब लोगू।।
सखि हमरें आरति अति तातें। कबहुँक ए आवहिं एहि नातें।।
स्रोत अभिलेख 1.222 · पुस्तक पृ. 219, 219
भावार्थ
मूल पाठ के बादजो दैवयोगसे ऐसा संयोग बन जाय, तो हम सब लोग कृतार्थ हो जायँ। हे सखी! मेरे तो इसीसे इतनी अधिक आतुरता हो रही है कि इसी नाते कभी ये यहाँ आवेंगे॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 219 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 जौ बिधि बस अस बनै सँजोगू। तौ कृतकृत्य होइ सब लोगू।।
English explanation
If fate brings about such a union, everyone will feel fulfilled.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जौ | यदि | if |
| बिधि | विधि, भाग्य के | of fate |
| बस | वश से | through the influence |
| अस | ऐसा | such |
| बनै | बन जाए | comes about |
| सँजोगू | संयोग, विवाह-संबंध | union, marriage match |
| तौ | तो | then |
| कृतकृत्य | कृतार्थ; अभिलाषा पूरी होने से धन्य | fulfilled; blessed by attaining their wish |
| होइ | हो जाएँ | will become |
| सब | सभी | all |
| लोगू | लोग | people |
2 सखि हमरें आरति अति तातें। कबहुँक ए आवहिं एहि नातें।।
English explanation
Friend, our great longing is for this reason: through this family relationship, he would visit here from time to time.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सखि | हे सखी | O friend |
| हमरें | हमें; हमारी | for us; our |
| आरति | उत्कंठा, लालसा | longing |
| अति | बहुत | great |
| तातें | इस कारण | for this reason |
| कबहुँक | कभी-कभी | from time to time |
| ए | ये, राम | he, Rama |
| आवहिं | आएँगे | would come |
| एहि | इस | this |
| नातें | नाते, पारिवारिक संबंध से | through the family relationship |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.222
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 219
- सहायक विषय
- श्रीराम-लक्ष्मणका जनकपुर-निरीक्षण
- मुद्रित पृष्ठ
- 219, 219
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।