बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
कोउ कह जौं भल अहइ बिधाता। सब कहँ सुनिअ उचित फलदाता।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दकोई कहती है—यदि विधाता भले हैं और सुना जाता है कि वे सबको उचित फल देते हैं, तो जानकीजीको यही वर मिलेगा। हे सखी! इसमें सन्देह नहीं है॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 219 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
कोउ कह जौं भल अहइ बिधाता। सब कहँ सुनिअ उचित फलदाता।।
तौ जानकिहि मिलिहि बरु एहू। नाहिन आलि इहाँ संदेहू।।
स्रोत अभिलेख 1.222 · पुस्तक पृ. 219, 219
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 कोउ कह जौं भल अहइ बिधाता। सब कहँ सुनिअ उचित फलदाता।।
English explanation
Another says, “If the Creator is good—as he is said to give everyone their due reward—”
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कोउ | कोई सखी | another companion |
| कह | कहती है | says |
| जौं | यदि | if |
| भल | भले | good |
| अहइ | हैं | is |
| बिधाता | विधाता, सृष्टिकर्ता | the Creator |
| सब | सबको | everyone |
| कहँ | के लिए; को | to; for |
| सुनिअ | सुना जाता है | is said to be |
| उचित | उचित | appropriate |
| फलदाता | फल देने वाले | giver of rewards |
2 तौ जानकिहि मिलिहि बरु एहू। नाहिन आलि इहाँ संदेहू।।
English explanation
Then Janaki will receive this very bridegroom; friend, there is no doubt about it.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तौ | तो | then |
| जानकिहि | जानकी को | to Janaki, Sita |
| मिलिहि | मिलेगा | will be obtained |
| बरु | वर | bridegroom |
| एहू | यही, राम | this very one, Rama |
| नाहिन | नहीं है | there is no |
| आलि | हे सखी | O friend |
| इहाँ | इस बात में | in this matter |
| संदेहू | संदेह | doubt |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.222
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 219
- सहायक विषय
- श्रीराम-लक्ष्मणका जनकपुर-निरीक्षण
- मुद्रित पृष्ठ
- 219, 219
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।