बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
जुग सम नृपहि गए दिन तीनी। कपटी मुनि पद रह मति लीनी।।
मूल पाठ
जुग सम नृपहि गए दिन तीनी। कपटी मुनि पद रह मति लीनी।।
समय जानि उपरोहित आवा। नृपहि मते सब कहि समुझावा।।
स्रोत अभिलेख 1.172 · पुस्तक पृ. 174, 175
भावार्थ
मूल पाठ के बादराजाको तीन दिन युगके समान बीते। उसकी बुद्धि कपटी मुनिके चरणोंमें लगी रही। निश्चित समय जानकर पुरोहित [बना हुआ राक्षस] आया और राजाके साथ की हुई गुप्त सलाहके अनुसार [उसने अपने] सब विचार उसे समझाकर कह दिये॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 174 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 जुग सम नृपहि गए दिन तीनी। कपटी मुनि पद रह मति लीनी।।
English explanation
The three days passed like ages for the king; his mind remained absorbed in the deceitful sage’s feet.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जुग | युग | ages |
| सम | के समान | like |
| नृपहि | राजा के लिए | for the king |
| गए | बीते | passed |
| दिन | दिन | days |
| तीनी | तीन | three |
| कपटी | छल करने वाला | deceitful |
| मुनि | मुनि के | of the sage |
| पद | चरणों में | in the feet |
| रह | रही | remained |
| मति | बुद्धि; मन | mind; attention |
| लीनी | लीन; लगी हुई | absorbed; engrossed |
2 समय जानि उपरोहित आवा। नृपहि मते सब कहि समुझावा।।
English explanation
Knowing the appointed time, the priest came and explained the entire plan to the king.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| समय | उचित समय | the appointed time |
| जानि | जानकर | knowing |
| उपरोहित | पुरोहित के रूप वाला व्यक्ति | the person in the priest’s guise |
| आवा | आया | came |
| नृपहि | राजा को | to the king |
| मते | योजना; सलाह | plan; counsel |
| सब | सब; पूरी | all; entire |
| कहि | कहकर | telling |
| समुझावा | समझाया | explained |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.172
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 174
- सहायक विषय
- प्रतापभानुकी कथा
- मुद्रित पृष्ठ
- 174, 175
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।