बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
गएँ जाम जुग भूपति आवा। घर घर उत्सव बाज बधावा।।
मूल पाठ
गएँ जाम जुग भूपति आवा। घर घर उत्सव बाज बधावा।।
उपरोहितहि देख जब राजा। चकित बिलोकि सुमिरि सोइ काजा।।
स्रोत अभिलेख 1.172 · पुस्तक पृ. 174, 175
भावार्थ
मूल पाठ के बाददो पहर बीत जानेपर राजा आया। घर-घर उत्सव होने लगे और बधावा बजने लगा। जब राजाने पुरोहितको देखा, तब वह [अपने] उसी कार्यका स्मरणकर उसे आश्चर्यसे देखने लगा॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 174 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 गएँ जाम जुग भूपति आवा। घर घर उत्सव बाज बधावा।।
English explanation
After two watches had passed, the king returned; celebrations took place in every home, with festive music.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| गएँ | बीत जाने पर | when they had passed |
| जाम | पहर | watches of time |
| जुग | दो; एक जोड़ा | two; a pair |
| भूपति | राजा | the king |
| आवा | लौट आया | returned |
| घर | घर | home |
| घर | हर घर में | in every home |
| उत्सव | उत्सव; आनंदोत्सव | celebration |
| बाज | बजे | sounded; played |
| बधावा | बधाई के बाजे | festive congratulatory music |
2 उपरोहितहि देख जब राजा। चकित बिलोकि सुमिरि सोइ काजा।।
English explanation
When the king saw the priest, he was astonished at the sight and recalled that same undertaking.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| उपरोहितहि | पुरोहित को | the priest |
| देख | देखा | saw |
| जब | जब | when |
| राजा | राजा ने | the king |
| चकित | आश्चर्यचकित | astonished |
| बिलोकि | देखकर | beholding |
| सुमिरि | याद करके | remembering |
| सोइ | वही | that same |
| काजा | कार्य; पहले तय किया प्रयोजन | undertaking; previously arranged purpose |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.172
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 174
- सहायक विषय
- प्रतापभानुकी कथा
- मुद्रित पृष्ठ
- 174, 175
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।