बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
जिन्ह निज रूप मोहनी डारी। कीन्ह स्वबस नगर नर नारी।।
मूल पाठ
जिन्ह निज रूप मोहनी डारी। कीन्ह स्वबस नगर नर नारी।।
बरनत छबि जहँ तहँ सब लोगू। अवसि देखिअहिं देखन जोगू।।
स्रोत अभिलेख 1.229 · पुस्तक पृ. 224, 225
भावार्थ
मूल पाठ के बादऔर जिन्होंने अपने रूपकी मोहिनी डालकर नगरके स्त्री-पुरुषोंको अपने वशमें कर लिया है। जहाँ-तहाँ सब लोग उन्हींकी छबिका वर्णन कर रहे हैं। अवश्य [चलकर] उन्हें देखना चाहिये, वे देखने ही योग्य हैं॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 224 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 जिन्ह निज रूप मोहनी डारी। कीन्ह स्वबस नगर नर नारी।।
English explanation
They have cast the spell of their beauty and captivated the men and women of the city.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जिन्ह | जिन्होंने | who |
| निज | अपने | their own |
| रूप | सौंदर्य का | of their beauty |
| मोहनी | मोहक प्रभाव | an enchanting spell |
| डारी | डाला | cast |
| कीन्ह | कर लिया | made |
| स्वबस | अपने वश में | captivated by them |
| नगर | नगर के | of the city |
| नर | पुरुष | men |
| नारी | स्त्रियाँ | women |
2 बरनत छबि जहँ तहँ सब लोगू। अवसि देखिअहिं देखन जोगू।।
English explanation
Everywhere, everyone describes their beauty. They should certainly be seen, for they are well worth seeing.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बरनत | वर्णन करते हैं | describe |
| छबि | सुंदरता | their beauty |
| जहँ | जहाँ | wherever |
| तहँ | वहाँ | there |
| सब | सभी | all |
| लोगू | लोग | people |
| अवसि | अवश्य | certainly |
| देखिअहिं | उन्हें देखना चाहिए | they should be seen |
| देखन | देखने के | seeing |
| जोगू | योग्य | worthy of |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.229
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 224
- सहायक विषय
- पुष्पवाटिका-निरीक्षण, सीताजीका प्रथम दर्शन, श्रीसीतारामजीका परस्पर दर्शन
- मुद्रित पृष्ठ
- 224, 225
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।