बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
जा दिन तें मुनि गए लवाई। तब तें आजु साँचि सुधि पाई।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्द[भैया!] जिस दिनसे मुनि उन्हें लिवा ले गये, तबसे आज ही हमने सच्ची खबर पायी है। कहो तो महाराज जनकने उन्हें कैसे पहचाना? ये प्रिय (प्रेमभरे) वचन सुनकर दूत मुसकराये॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 276 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
जा दिन तें मुनि गए लवाई। तब तें आजु साँचि सुधि पाई।।
कहहु बिदेह कवन बिधि जाने। सुनि प्रिय बचन दूत मुसकाने।।
स्रोत अभिलेख 1.291 · पुस्तक पृ. 276, 277
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 जा दिन तें मुनि गए लवाई। तब तें आजु साँचि सुधि पाई।।
English explanation
Since the day the sage took them along, only today have I received reliable news of them.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जा | जिस | which |
| दिन | दिन | day |
| तें | से | since |
| मुनि | मुनि विश्वामित्र | the sage Vishvamitra |
| गए | गए | went |
| लवाई | उन्हें साथ लेकर | taking them along |
| तब | तब | then |
| तें | से | since |
| आजु | आज | today |
| साँचि | सच्ची, विश्वसनीय | true, reliable |
| सुधि | खबर | news |
| पाई | प्राप्त की | have received |
2 कहहु बिदेह कवन बिधि जाने। सुनि प्रिय बचन दूत मुसकाने।।
English explanation
Tell me, how did Janaka, king of Videha, recognize them? Hearing these affectionate words, the messengers smiled.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कहहु | बताओ | tell me |
| बिदेह | विदेहराज जनक ने | Janaka, king of Videha |
| कवन | किस | what |
| बिधि | रीति से | in manner |
| जाने | उन्हें पहचाना | recognized them |
| सुनि | सुनकर | having heard |
| प्रिय | स्नेहभरे | affectionate |
| बचन | वचन | words |
| दूत | दूत | the messengers |
| मुसकाने | मुसकराए | smiled |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.291
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 276
- सहायक विषय
- दशरथजीके पास जनकजीका दूत भेजना, अयोध्यासे बारातका प्रस्थान
- मुद्रित पृष्ठ
- 276, 277
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।