बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
जानी सियँ बरात पुर आई। कछु निज महिमा प्रगटि जनाई।।
मूल पाठ
जानी सियँ बरात पुर आई। कछु निज महिमा प्रगटि जनाई।।
हृदयँ सुमिरि सब सिद्धि बोलाई। भूप पहुनई करन पठाई।।
स्रोत अभिलेख 1.306 · पुस्तक पृ. 288, 289
भावार्थ
मूल पाठ के बादसीताजीने बारात जनकपुरमें आयी जानकर अपनी कुछ महिमा प्रकट करके दिखलायी। हृदयमें स्मरणकर सब सिद्धियोंको बुलाया और उन्हें राजा दशरथजीकी मेहमानी करनेके लिये भेजा॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 289 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 जानी सियँ बरात पुर आई। कछु निज महिमा प्रगटि जनाई।।
English explanation
Sita learned that the wedding procession had arrived in the city; she revealed something of her own greatness.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जानी | जान लिया | learned |
| सियँ | सीता ने | Sita |
| बरात | बरात | wedding procession |
| पुर | नगर में | in the city |
| आई | आ गई | had arrived |
| कछु | कुछ | something of |
| निज | अपनी | her own |
| महिमा | महिमा; महान सामर्थ्य | greatness; extraordinary power |
| प्रगटि | प्रकट करके | by revealing |
| जनाई | जता दी; दिखाई | made known |
2 हृदयँ सुमिरि सब सिद्धि बोलाई। भूप पहुनई करन पठाई।।
English explanation
Remembering them in her heart, Sita summoned all the supernatural powers and sent them to attend to the king’s hospitality.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| हृदयँ | हृदय में | in her heart |
| सुमिरि | स्मरण करके | having remembered |
| सब | सभी | all |
| सिद्धि | अलौकिक सिद्धियाँ | supernatural powers |
| बोलाई | बुलाया | summoned |
| भूप | राजा का | of the king |
| पहुनई | आतिथ्य; मेहमान-सत्कार | hospitality |
| करन | करने के लिए | to perform |
| पठाई | भेजा | sent |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.306
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 289
- सहायक विषय
- बारातका जनकपुरमें आना और स्वागतादि
- मुद्रित पृष्ठ
- 288, 289
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।