बालकाण्ड · दोहा 306 · दोहा/सोरठा
सिधि सब सिय आयसु अकनि गईं जहाँ जनवास।
सिधि सब सिय आयसु अकनि गईं जहाँ जनवास।
लिएँ संपदा सकल सुख सुरपुर भोग बिलास।।306।।
मूल पाठ · स्रोत अभिलेख 1.306 · पुस्तक पृ. 288, 289
भावार्थ और शब्दार्थ
AI प्रारूपशब्दार्थ और भावार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। इन्हें अंतिम व्याख्या न मानें।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1सिधि सब सिय आयसु अकनि गईं जहाँ जनवास।
सभी सिद्धियाँ सीता की आज्ञा सुनकर वहाँ गईं जहाँ जनवासा था।
English explanation
Hearing Sita’s command, all the supernatural powers went to where the wedding party was lodged.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सिधि | अलौकिक सिद्धियाँ | supernatural powers |
| सब | सभी | all |
| सिय | सीता की | Sita’s |
| आयसु | आज्ञा | command |
| अकनि | सुनकर | having heard |
| गईं | गईं | went |
| जहाँ | जहाँ | where |
| जनवास | बरात का ठहरने का स्थान था | the wedding party’s lodging was |
2 लिएँ संपदा सकल सुख सुरपुर भोग बिलास।।306।।
वे संपदा, सभी सुख तथा स्वर्ग के भोग-विलास साथ लेकर गईं।
English explanation
They went carrying riches, every comfort, and the pleasures and delights of heaven.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| लिएँ | साथ लेकर | carrying along |
| संपदा | संपत्ति; ऐश्वर्य | riches; abundance |
| सकल | सभी | all |
| सुख | सुख | comforts |
| सुरपुर | देवताओं के नगर, स्वर्ग के | of heaven, the gods’ abode |
| भोग | भोग; उपभोग के सुख | pleasures |
| बिलास | विलास; आनंद के साधन | delights; luxuries |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- दोहा/सोरठा 306
- स्रोत अभिलेख
- 1.306
- सहायक विषय
- बारातका जनकपुरमें आना और स्वागतादि
- मुद्रित पृष्ठ
- 288, 289
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