बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
जहँ जहँ आवत बसे बराती। तहँ तहँ सिद्ध चला बहु भाँती।।
मूल पाठ
जहँ जहँ आवत बसे बराती। तहँ तहँ सिद्ध चला बहु भाँती।।
बिबिध भाँति मेवा पकवाना। भोजन साजु न जाइ बखाना।।
स्रोत अभिलेख 1.333 · पुस्तक पृ. 317, 318
भावार्थ
मूल पाठ के बादआते समय जहाँ-जहाँ बराती ठहरे थे, वहाँ-वहाँ बहुत प्रकारका सीधा (रसोईका सामान) भेजा गया। अनेकों प्रकारके मेवे, पकवान और भोजनकी सामग्री जो बखानी नहीं जा सकती—॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 318 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 जहँ जहँ आवत बसे बराती। तहँ तहँ सिद्ध चला बहु भाँती।।
English explanation
Many kinds of prepared provisions were sent to every place where the wedding party had stayed on its way in.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जहँ | जहाँ | where |
| जहँ | जहाँ भी | at each such place |
| आवत | आते समय | while coming |
| बसे | ठहरे थे | had lodged |
| बराती | बारात के लोग | members of the wedding party |
| तहँ | वहाँ | there |
| तहँ | वहाँ प्रत्येक स्थान पर | at each such place |
| सिद्ध | तैयार भोजन-सामग्री | prepared provisions |
| चला | भेजी जाने लगी | began to be dispatched |
| बहु | अनेक | many |
| भाँती | प्रकार की | kinds of |
2 बिबिध भाँति मेवा पकवाना। भोजन साजु न जाइ बखाना।।
English explanation
There were various kinds of nuts, dried fruits, and prepared delicacies; the arrangements for food were beyond description.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बिबिध | विविध | various |
| भाँति | प्रकार के | kinds of |
| मेवा | मेवे | nuts and dried fruits |
| पकवाना | पकवान | prepared delicacies |
| भोजन | भोजन का | for food |
| साजु | सामान और व्यवस्था | supplies and arrangements |
| न | नहीं | not |
| जाइ | किया जा सकता | can be |
| बखाना | वर्णन | described |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.333
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 318
- सहायक विषय
- श्रीसीता-राम-विवाह
- मुद्रित पृष्ठ
- 317, 318
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।