बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
जसि रघुबीर ब्याह बिधि बरनी। सकल कुअँर ब्याहे तेहिं करनी।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दश्रीरामचन्द्रजीके विवाहकी जैसी विधि वर्णन की गयी, उसी रीतिसे सब राजकुमार विवाहे गये। दहेजकी अधिकता कुछ कही नहीं जाती; सारा मंडप सोने और मणियोंसे भर गया॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 309 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
जसि रघुबीर ब्याह बिधि बरनी। सकल कुअँर ब्याहे तेहिं करनी।।
कहि न जाइ कछु दाइज भूरी। रहा कनक मनि मंडपु पूरी।।
स्रोत अभिलेख 1.326 · पुस्तक पृ. 309, 310
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 जसि रघुबीर ब्याह बिधि बरनी। सकल कुअँर ब्याहे तेहिं करनी।।
English explanation
AI-draft meaning: All the princes were married by the same procedure described for Rama’s wedding.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जसि | जैसी | such as |
| रघुबीर | रघुकुल के वीर राम के | of Rama, hero of Raghu’s lineage |
| ब्याह | विवाह की | of the wedding |
| बिधि | विधि | procedure |
| बरनी | वर्णित की गई | was described |
| सकल | सभी | all |
| कुअँर | राजकुमार | princes |
| ब्याहे | विवाहित हुए | were married |
| तेहिं | उसी | by that same |
| करनी | रीति से | procedure |
2 कहि न जाइ कछु दाइज भूरी। रहा कनक मनि मंडपु पूरी।।
English explanation
AI-draft meaning: The abundant wedding gifts cannot be described; the pavilion was filled with gold and jewels.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कहि | कहा | described |
| न | नहीं | not |
| जाइ | जा सकता | can be |
| कछु | कुछ भी | anything |
| दाइज | विवाह में दिए गए उपहार | wedding gifts or dowry |
| भूरी | बहुत अधिक | abundant |
| रहा | था | was |
| कनक | सोने से | with gold |
| मनि | मणियों से | with jewels |
| मंडपु | मंडप | the wedding pavilion |
| पूरी | भरकर | filled |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.326
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 309
- सहायक विषय
- श्रीसीता-राम-विवाह
- मुद्रित पृष्ठ
- 309, 310
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।