बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
कंबल बसन बिचित्र पटोरे। भाँति भाँति बहु मोल न थोरे।।
मूल पाठ
कंबल बसन बिचित्र पटोरे। भाँति भाँति बहु मोल न थोरे।।
गज रथ तुरग दास अरु दासी। धेनु अलंकृत कामदुहा सी।।
स्रोत अभिलेख 1.326 · पुस्तक पृ. 309, 310
भावार्थ
मूल पाठ के बादबहुत-से कम्बल, वस्त्र और भाँति-भाँतिके विचित्र रेशमी कपड़े, जो थोड़ी कीमतके न थे (अर्थात् बहुमूल्य थे) तथा हाथी, रथ, घोड़े, दास-दासियाँ और गहनोंसे सजी हुई कामधेनु- सरीखी गायें—॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 309 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 कंबल बसन बिचित्र पटोरे। भाँति भाँति बहु मोल न थोरे।।
English explanation
AI-draft meaning: There were many blankets, garments, and beautiful silk fabrics of various kinds, worth no small amount.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कंबल | कंबल | blankets |
| बसन | वस्त्र | garments |
| बिचित्र | सुंदर और विविध | beautiful and varied |
| पटोरे | रेशमी कपड़े | silk fabrics |
| भाँति | तरह | kind |
| भाँति | तरह के | of various kinds |
| बहु | बहुत से | many |
| मोल | मूल्य | value |
| न | नहीं | not |
| थोरे | कम | small |
2 गज रथ तुरग दास अरु दासी। धेनु अलंकृत कामदुहा सी।।
English explanation
AI-draft meaning: There were elephants, chariots, horses, male and female servants, and adorned cows resembling the wish-fulfilling cow.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| गज | हाथी | elephants |
| रथ | रथ | chariots |
| तुरग | घोड़े | horses |
| दास | दास | male servants |
| अरु | और | and |
| दासी | दासियाँ | female servants |
| धेनु | गायें | cows |
| अलंकृत | आभूषणों से सजाई हुई | adorned with ornaments |
| कामदुहा | इच्छाएँ पूरी करने वाली कामधेनु | the wish-fulfilling cow |
| सी | जैसी | like |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.326
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 309
- सहायक विषय
- श्रीसीता-राम-विवाह
- मुद्रित पृष्ठ
- 309, 310
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।