बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
बस्तु अनेक करिअ किमि लेखा। कहि न जाइ जानहिं जिन्ह देखा।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्द[आदि] अनेकों वस्तुएँ हैं, जिनकी गिनती कैसे की जाय। उनका वर्णन नहीं किया जा सकता, जिन्होंने देखा है वही जानते हैं। उन्हें देखकर लोकपाल भी सिहा गये। अवधराज दशरथजीने सुख मानकर प्रसन्नचित्तसे सब कुछ ग्रहण किया॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 310 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
बस्तु अनेक करिअ किमि लेखा। कहि न जाइ जानहिं जिन्ह देखा।।
लोकपाल अवलोकि सिहाने। लीन्ह अवधपति सबु सुखु माने।।
स्रोत अभिलेख 1.326 · पुस्तक पृ. 309, 310
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 बस्तु अनेक करिअ किमि लेखा। कहि न जाइ जानहिं जिन्ह देखा।।
English explanation
AI-draft meaning: The articles were so numerous—how could they be counted? They cannot be described; those who saw them know.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बस्तु | वस्तुएँ | articles |
| अनेक | अनेक | numerous |
| करिअ | किया जाए | could be made |
| किमि | कैसे | how |
| लेखा | गिनती या विवरण | a count or account |
| कहि | कहा | described |
| न | नहीं | not |
| जाइ | जा सकता | can be |
| जानहिं | जानते हैं | know |
| जिन्ह | जिन्होंने | those who |
| देखा | देखा | saw |
2 लोकपाल अवलोकि सिहाने। लीन्ह अवधपति सबु सुखु माने।।
English explanation
AI-draft meaning: Even the guardians of the worlds looked on with admiration and longing. Dasharatha, king of Ayodhya, accepted everything and rejoiced.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| लोकपाल | लोकों के रक्षक देवता | divine guardians of the worlds |
| अवलोकि | देखकर | on seeing |
| सिहाने | प्रशंसा करते हुए लालायित हुए | admired with longing |
| लीन्ह | स्वीकार किया | accepted |
| अवधपति | अवध के राजा दशरथ ने | Dasharatha, king of Ayodhya |
| सबु | सब कुछ | everything |
| सुखु | आनंद | joy |
| माने | अनुभव किया | experienced |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.326
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 310
- सहायक विषय
- श्रीसीता-राम-विवाह
- मुद्रित पृष्ठ
- 309, 310
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।