बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
जब तें उमा सैल गृह जाईं। सकल सिद्धि संपति तहँ छाई।।
मूल पाठ
जब तें उमा सैल गृह जाईं। सकल सिद्धि संपति तहँ छाई।।
जहँ तहँ मुनिन्ह सुआश्रम कीन्हे। उचित बास हिम भूधर दीन्हे।।
स्रोत अभिलेख 1.65 · पुस्तक पृ. 84, 84
भावार्थ
मूल पाठ के बादजबसे उमाजी हिमाचलके घर जन्मीं तबसे वहाँ सारी सिद्धियाँ और सम्पत्तियाँ छा गयीं। मुनियोंने जहाँ-तहाँ सुन्दर आश्रम बना लिये और हिमाचलने उनको उचित स्थान दिये॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 84 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 जब तें उमा सैल गृह जाईं। सकल सिद्धि संपति तहँ छाई।।
English explanation
Ever since Uma came to the mountain king’s home, every accomplishment and prosperity abounded there.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जब | जब | when |
| तें | से | since |
| उमा | उमा, पार्वती | Uma, Parvati |
| सैल | पर्वतराज के | of the mountain king |
| गृह | घर | home |
| जाईं | आईं | came |
| सकल | सभी | all |
| सिद्धि | सिद्धियाँ; सफलताएँ | accomplishments; attainments |
| संपति | संपत्ति; समृद्धि | wealth; prosperity |
| तहँ | वहाँ | there |
| छाई | छा गईं | abounded |
2 जहँ तहँ मुनिन्ह सुआश्रम कीन्हे। उचित बास हिम भूधर दीन्हे।।
English explanation
Sages established fine hermitages here and there, and the Himalayan mountain provided suitable dwellings.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जहँ | जहाँ | where |
| तहँ | तहाँ; जगह-जगह | there; here and there |
| मुनिन्ह | मुनियों ने | the sages |
| सुआश्रम | सुंदर आश्रम | fine hermitages |
| कीन्हे | बनाए | established |
| उचित | उपयुक्त | suitable |
| बास | निवासस्थान | dwellings |
| हिम | हिम; हिमालय | Himalayan |
| भूधर | पर्वत ने | the mountain |
| दीन्हे | दिए | provided |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.65
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 84
- सहायक विषय
- पार्वतीका जन्म और तपस्या
- मुद्रित पृष्ठ
- 84, 84
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