बालकाण्ड · दोहा 65 · दोहा/सोरठा
सदा सुमन फल सहित सब द्रुम नव नाना जाति।
सदा सुमन फल सहित सब द्रुम नव नाना जाति।
प्रगटीं सुंदर सैल पर मनि आकर बहु भाँति।।65।।
मूल पाठ · स्रोत अभिलेख 1.65 · पुस्तक पृ. 84, 84
भावार्थ और शब्दार्थ
AI प्रारूपशब्दार्थ और भावार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। इन्हें अंतिम व्याख्या न मानें।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1सदा सुमन फल सहित सब द्रुम नव नाना जाति।
विभिन्न जातियों के सभी वृक्ष सदा नए-ताजे और फूलों तथा फलों से युक्त रहते थे।
English explanation
All the trees of various kinds remained ever fresh and laden with flowers and fruit.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सदा | सदा | always |
| सुमन | फूल | flowers |
| फल | फल | fruit |
| सहित | से युक्त | bearing |
| सब | सभी | all |
| द्रुम | वृक्ष | trees |
| नव | नए-ताजे | fresh |
| नाना | विभिन्न | various |
| जाति | प्रकारों के | of kinds |
2 प्रगटीं सुंदर सैल पर मनि आकर बहु भाँति।।65।।
सुंदर पर्वत पर अनेक प्रकार की मणियों की खानें प्रकट हुईं।
English explanation
Mines of many kinds of gems appeared on the beautiful mountain.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| प्रगटीं | प्रकट हुईं | appeared |
| सुंदर | सुंदर | beautiful |
| सैल | पर्वत | mountain |
| पर | पर | on |
| मनि | मणियों की | of gems |
| आकर | खानें | mines |
| बहु | अनेक | many |
| भाँति | प्रकार की | kinds |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- दोहा/सोरठा 65
- स्रोत अभिलेख
- 1.65
- सहायक विषय
- पार्वतीका जन्म और तपस्या
- मुद्रित पृष्ठ
- 84, 84
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।