बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
जबहिं संभु कैलासहिं आए। सुर सब निज निज लोक सिधाए।।
मूल पाठ
जबहिं संभु कैलासहिं आए। सुर सब निज निज लोक सिधाए।।
जगत मातु पितु संभु भवानी। तेही सिंगारु न कहउँ बखानी।।
स्रोत अभिलेख 1.103 · पुस्तक पृ. 117, 118
भावार्थ
मूल पाठ के बादजब शिवजी कैलास पर्वतपर पहुँचे, तब सब देवता अपने-अपने लोकोंको चले गये। [तुलसीदासजी कहते हैं कि] पार्वतीजी और शिवजी जगत्के माता-पिता हैं, इसलिये मैं उनके शृङ्गारका वर्णन नहीं करता॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 117 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 जबहिं संभु कैलासहिं आए। सुर सब निज निज लोक सिधाए।।
English explanation
As soon as Shiva reached Kailasa, all the gods departed for their respective realms.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जबहिं | जैसे ही | as soon as |
| संभु | शिव | Shiva |
| कैलासहिं | कैलास पर | to Mount Kailasa |
| आए | पहुँचे | arrived |
| सुर | देवता | the gods |
| सब | सभी | all |
| निज | अपने | their own |
| निज | अपने | respective |
| लोक | लोकों को | realms |
| सिधाए | चले गए | departed |
2 जगत मातु पितु संभु भवानी। तेही सिंगारु न कहउँ बखानी।।
English explanation
Shiva and Bhavani are the parents of the world; I do not describe their romantic love in detail.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जगत | संसार के | of the world |
| मातु | माता | mother |
| पितु | पिता | father |
| संभु | शिव | Shiva |
| भवानी | पार्वती | Parvati, Shiva’s consort |
| तेही | उनका | their |
| सिंगारु | दांपत्य शृंगार | romantic love |
| न | नहीं | not |
| कहउँ | मैं कहता हूँ | I tell |
| बखानी | विस्तार से वर्णन करके | in detailed description |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.103
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 117
- सहायक विषय
- शिवजीका विवाह
- मुद्रित पृष्ठ
- 117, 118
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।