बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
तुरत भवन आए गिरिराई। सकल सैल सर लिए बोलाई।।
मूल पाठ
तुरत भवन आए गिरिराई। सकल सैल सर लिए बोलाई।।
आदर दान बिनय बहुमाना। सब कर बिदा कीन्ह हिमवाना।।
स्रोत अभिलेख 1.103 · पुस्तक पृ. 117, 118
भावार्थ
मूल पाठ के बादपर्वतराज हिमाचल तुरंत घर आये और उन्होंने सब पर्वतों और सरोवरोंको बुलाया। हिमवान्ने आदर, दान, विनय और बहुत सम्मानपूर्वक सबकी विदाई की॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 117 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 तुरत भवन आए गिरिराई। सकल सैल सर लिए बोलाई।।
English explanation
Himavan, king of mountains, immediately returned home and summoned all the mountains and lakes.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तुरत | तुरंत | immediately |
| भवन | घर | home |
| आए | आए | returned |
| गिरिराई | पर्वतराज हिमवान | Himavan, king of mountains |
| सकल | सभी | all |
| सैल | पर्वतों को | the mountains |
| सर | सरोवरों को | the lakes |
| लिए | ले लिया | completed the act |
| बोलाई | बुलाकर | calling them |
2 आदर दान बिनय बहुमाना। सब कर बिदा कीन्ह हिमवाना।।
English explanation
Himavan bade everyone farewell with courtesy, gifts, humility, and great honor.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| आदर | आदर से | with courtesy |
| दान | उपहार देकर | with gifts |
| बिनय | विनय से | with humility |
| बहुमाना | बहुत सम्मान से | with great honor |
| सब | सभी की | everyone’s |
| कर | की | of |
| बिदा | विदाई | farewell |
| कीन्ह | की | performed |
| हिमवाना | पर्वतराज हिमवान ने | Himavan, king of mountains |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.103
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 117
- सहायक विषय
- शिवजीका विवाह
- मुद्रित पृष्ठ
- 117, 118
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