बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
जनमीं प्रथम दच्छ गृह जाई। नामु सती सुंदर तनु पाई।।
मूल पाठ
जनमीं प्रथम दच्छ गृह जाई। नामु सती सुंदर तनु पाई।।
तहँहुँ सती संकरहि बिबाहीं। कथा प्रसिद्ध सकल जग माहीं।।
स्रोत अभिलेख 1.98 · पुस्तक पृ. 112, 112
भावार्थ
मूल पाठ के बादपहले ये दक्षके घर जाकर जन्मी थीं, तब इनका सती नाम था, बहुत सुन्दर शरीर पाया था। वहाँ भी सती शङ्करजीसे ही ब्याही गयी थीं। यह कथा सारे जगत्में प्रसिद्ध है॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 112 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 जनमीं प्रथम दच्छ गृह जाई। नामु सती सुंदर तनु पाई।।
English explanation
AI draft: Previously she took birth in Daksha’s household, receiving a beautiful body and the name Sati.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जनमीं | जन्मीं | she was born |
| प्रथम | पहले | previously |
| दच्छ | प्रजापति दक्ष के | of Daksha, the progenitor |
| गृह | घर में | in the household |
| जाई | जाकर | having gone |
| नामु | नाम | name |
| सती | सती, उनका पूर्वजन्म का नाम | Sati, her name in that earlier birth |
| सुंदर | सुंदर | beautiful |
| तनु | शरीर | body |
| पाई | पाया | obtained |
2 तहँहुँ सती संकरहि बिबाहीं। कथा प्रसिद्ध सकल जग माहीं।।
English explanation
AI draft: In that birth too, Sati married Shiva; the story is known throughout the world.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तहँहुँ | वहाँ भी; उस जन्म में भी | there too; in that birth too |
| सती | सती ने | Sati |
| संकरहि | शंकर, शिव से | Shankara, Shiva |
| बिबाहीं | विवाह किया | married |
| कथा | यह कथा | this story |
| प्रसिद्ध | प्रसिद्ध है | is well known |
| सकल | समस्त | the entire |
| जग | जगत में | world |
| माहीं | में | throughout; in |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.98
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 112
- सहायक विषय
- शिवजीकी विचित्र बारात और विवाहकी तैयारी
- मुद्रित पृष्ठ
- 112, 112
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।