बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
चहू चतुर कहुँ नाम अधारा। ग्यानी प्रभुहि बिसेषि पिआरा।।
मूल पाठ
चहू चतुर कहुँ नाम अधारा। ग्यानी प्रभुहि बिसेषि पिआरा।।
चहुँ जुग चहुँ श्रुति ना प्रभाऊ। कलि बिसेषि नहिं आन उपाऊ।।
स्रोत अभिलेख 1.22 · पुस्तक पृ. 43, 44
भावार्थ
मूल पाठ के बादचारों ही चतुर भक्तोंको नामका ही आधार है; इनमेंं ज्ञानी भक्त प्रभुको विशेषरूपसे प्रिय है। यों तो चारों युगोंमें और चारों ही वेदोंमें नामका प्रभाव है, परन्तु कलियुगमें विशेषरूपसे है। इसमें तो [नामको छोड़कर] दूसरा कोई उपाय ही नहीं है॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 44 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 चहू चतुर कहुँ नाम अधारा। ग्यानी प्रभुहि बिसेषि पिआरा।।
English explanation
The name is the support of all four discerning kinds of devotees; the devotee endowed with knowledge is especially dear to the Lord.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| चहू | चारों | all four |
| चतुर | विवेकी भक्त | discerning devotees |
| कहुँ | के लिए | for |
| नाम | राम का नाम | Rama’s name |
| अधारा | आधार है | is the support |
| ग्यानी | ज्ञानवान भक्त | the devotee endowed with knowledge |
| प्रभुहि | प्रभु को | to the Lord |
| बिसेषि | विशेष रूप से | especially |
| पिआरा | प्रिय | dear |
2 चहुँ जुग चहुँ श्रुति ना प्रभाऊ। कलि बिसेषि नहिं आन उपाऊ।।
English explanation
The supplied ‘ना’ is unclear; if ‘name’ is intended, the sense is: The name’s power holds across all four ages and all four Vedas; especially in the age of Kali, there is no other means.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| चहुँ | चारों | all four |
| जुग | युगों में | in the ages |
| चहुँ | चारों | all four |
| श्रुति | वेदों में | in the Vedas |
| ना | राम का नाम। | The name of Rama. |
| प्रभाऊ | प्रभाव या सामर्थ्य | power or efficacy |
| कलि | कलियुग में | in the age of Kali |
| बिसेषि | विशेष रूप से | especially |
| नहिं | नहीं है | there is no |
| आन | दूसरा | other |
| उपाऊ | उपाय | means |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.22
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 44
- सहायक विषय
- श्रीनाम-वन्दना और नाम-महिमा
- मुद्रित पृष्ठ
- 43, 44
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।