बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
चल न ब्रह्मकुल सन बरिआई। सत्य कहउँ दोउ भुजा उठाई।।
मूल पाठ
चल न ब्रह्मकुल सन बरिआई। सत्य कहउँ दोउ भुजा उठाई।।
बिप्र श्राप बिनु सुनु महिपाला। तोर नास नहि कवनेहुँ काला।।
स्रोत अभिलेख 1.165 · पुस्तक पृ. 169, 169
भावार्थ
मूल पाठ के बादब्राह्मणकुलसे जोर-जबर्दस्ती नहीं चल सकती, मैं दोनों भुजा उठाकर सत्य कहता हूँ। हे राजन्! सुनो, ब्राह्मणोंके शाप बिना तुम्हारा नाश किसी कालमें नहीं होगा॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 169 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 चल न ब्रह्मकुल सन बरिआई। सत्य कहउँ दोउ भुजा उठाई।।
English explanation
Force does not prevail against the Brahmin community. Raising both arms, I speak the truth.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| चल | चलती; सफल होती | works; prevails |
| न | नहीं | not |
| ब्रह्मकुल | ब्राह्मण कुल | the Brahmin community |
| सन | के साथ; के विरुद्ध | with; against |
| बरिआई | जोर-जबरदस्ती | coercion; brute force |
| सत्य | सच | the truth |
| कहउँ | मैं कहता हूँ | I say |
| दोउ | दोनों | both |
| भुजा | बाँहें | arms |
| उठाई | उठाकर | having raised |
2 बिप्र श्राप बिनु सुनु महिपाला। तोर नास नहि कवनेहुँ काला।।
English explanation
Listen, O king: without a Brahmin’s curse, you will never be destroyed.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बिप्र | ब्राह्मण का | a Brahmin’s |
| श्राप | शाप | curse |
| बिनु | के बिना | without |
| सुनु | सुनो | listen |
| महिपाला | हे पृथ्वीपालक राजा | O king, guardian of the earth |
| तोर | तुम्हारा | your |
| नास | नाश | destruction |
| नहि | नहीं | not |
| कवनेहुँ | किसी भी | at any |
| काला | समय में | time |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.165
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 169
- सहायक विषय
- प्रतापभानुकी कथा
- मुद्रित पृष्ठ
- 169, 169
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।