बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
चलत दसानन डोलति अवनी। गर्जत गर्भ स्त्रवहिं सुर रवनी।।
मूल पाठ
चलत दसानन डोलति अवनी। गर्जत गर्भ स्त्रवहिं सुर रवनी।।
रावन आवत सुनेउ सकोहा। देवन्ह तके मेरु गिरि खोहा।।
स्रोत अभिलेख 1.182 · पुस्तक पृ. 182, 183
भावार्थ
मूल पाठ के बादरावणके चलनेसे पृथ्वी डगमगाने लगी और उसकी गर्जनासे देवरमणियोंके गर्भ गिरने लगे। रावणको क्रोधसहित आते हुए सुनकर देवताओंने सुमेरु पर्वतकी गुफाएँ तकीं (भागकर सुमेरुकी गुफाओंका आश्रय लिया)॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 182 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 चलत दसानन डोलति अवनी। गर्जत गर्भ स्त्रवहिं सुर रवनी।।
English explanation
As Ravana moved, the earth trembled; at his roaring, the gods’ wives miscarried.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| चलत | चलते समय | as he moved |
| दसानन | दस मुखों वाला रावण | Ravana, the ten-headed one |
| डोलति | डोलती है; काँपती है | trembles |
| अवनी | पृथ्वी | the earth |
| गर्जत | गर्जना करते समय | when he roared |
| गर्भ | गर्भ; गर्भस्थ शिशु | pregnancies; unborn children |
| स्त्रवहिं | गिर जाते हैं | are lost through miscarriage |
| सुर | देवताओं की | of the gods |
| रवनी | स्त्रियाँ; पत्नियाँ | women; wives |
2 रावन आवत सुनेउ सकोहा। देवन्ह तके मेरु गिरि खोहा।।
English explanation
Hearing that the enraged Ravana was approaching, the gods sought refuge in the caves of Mount Meru.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| रावन | रावण | Ravana, the demon king |
| आवत | आता हुआ | approaching |
| सुनेउ | सुना | heard |
| सकोहा | क्रोध सहित; क्रोधित | enraged; full of anger |
| देवन्ह | देवताओं ने | the gods |
| तके | खोजीं; शरण के लिए देखीं | sought; looked to for refuge |
| मेरु | मेरु नामक पर्वत | Meru, the cosmic mountain |
| गिरि | पर्वत की | of the mountain |
| खोहा | गुफाएँ | caves |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.182
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 182
- सहायक विषय
- रावणादिका जन्म, तपस्या और उनका ऐश्वर्य तथा अत्याचार
- मुद्रित पृष्ठ
- 182, 183
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।