बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
तिन्हहि जीति रन आनेसु बाँधी। उठि सुत पितु अनुसासन काँधी।।
मूल पाठ
तिन्हहि जीति रन आनेसु बाँधी। उठि सुत पितु अनुसासन काँधी।।
एहि बिधि सबही अग्या दीन्ही। आपुनु चलेउ गदा कर लीन्ही।।
स्रोत अभिलेख 1.182 · पुस्तक पृ. 182, 183
भावार्थ
मूल पाठ के बादउन्हें युद्धमें जीतकर बाँध लाना। बेटेने उठकर पिताकी आज्ञाको शिरोधार्य किया। इसी तरह उसने सबको आज्ञा दी और आप भी हाथमें गदा लेकर चल दिया॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 182 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 तिन्हहि जीति रन आनेसु बाँधी। उठि सुत पितु अनुसासन काँधी।।
English explanation
Defeat them in battle and bring them back bound. The son rose and respectfully accepted his father’s command.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तिन्हहि | उन्हीं को | those very ones |
| जीति | जीतकर | having defeated |
| रन | युद्ध में | in battle |
| आनेसु | ले आना | bring them back |
| बाँधी | बाँधकर | having bound them |
| उठि | उठकर | having risen |
| सुत | पुत्र मेघनाद | the son, Meghnada |
| पितु | पिता का | his father’s |
| अनुसासन | आदेश | command |
| काँधी | सिर पर धारण किया; स्वीकार किया | respectfully accepted |
2 एहि बिधि सबही अग्या दीन्ही। आपुनु चलेउ गदा कर लीन्ही।।
English explanation
In this way he gave orders to everyone, then set out himself with a mace in hand.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| एहि | इस | this |
| बिधि | प्रकार | manner |
| सबही | सबको | to everyone |
| अग्या | आज्ञा | orders |
| दीन्ही | दी | gave |
| आपुनु | स्वयं | he himself |
| चलेउ | चल पड़ा | set out |
| गदा | गदा | mace |
| कर | हाथ में | in his hand |
| लीन्ही | ली | took; held |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.182
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 182
- सहायक विषय
- रावणादिका जन्म, तपस्या और उनका ऐश्वर्य तथा अत्याचार
- मुद्रित पृष्ठ
- 182, 183
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।