बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
मेघनाद कहुँ पुनि हँकरावा। दीन्ही सिख बलु बयरु बढ़ावा।।
मूल पाठ
मेघनाद कहुँ पुनि हँकरावा। दीन्ही सिख बलु बयरु बढ़ावा।।
जे सुर समर धीर बलवाना। जिन्ह कें लरिबे कर अभिमाना।।
स्रोत अभिलेख 1.182 · पुस्तक पृ. 182, 183
भावार्थ
मूल पाठ के बादफिर उसने मेघनादको बुलवाया और सिखा-पढ़ाकर उसके बल और [देवताओंके प्रति] वैरभावको उत्तेजना दी। [फिर कहा—] हे पुत्र! जो देवता रणमें धीर और बलवान् हैं और जिन्हें लडऩेका अभिमान है॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 182 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 मेघनाद कहुँ पुनि हँकरावा। दीन्ही सिख बलु बयरु बढ़ावा।।
English explanation
Then Ravana summoned Meghnada, instructed him, and heightened his strength and hostility.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मेघनाद | रावण का पुत्र मेघनाद | Meghnada, Ravana’s son |
| कहुँ | को | to; marking the person summoned |
| पुनि | फिर | then; again |
| हँकरावा | बुलवाया | had summoned |
| दीन्ही | दी | gave |
| सिख | सीख; निर्देश | instruction; advice |
| बलु | बल; सामर्थ्य | strength; power |
| बयरु | वैर; शत्रुता | enmity; hostility |
| बढ़ावा | बढ़ाया | increased; heightened |
2 जे सुर समर धीर बलवाना। जिन्ह कें लरिबे कर अभिमाना।।
English explanation
Those gods who are steadfast and mighty in battle, and proud of their fighting ability—
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जे | जो | those who |
| सुर | देवता | gods |
| समर | युद्ध में | in battle |
| धीर | धैर्यवान; अडिग | steadfast; composed |
| बलवाना | बलवान | powerful |
| जिन्ह | जिन्हें | who; those to whom |
| कें | को; में | to; marking the possessors of pride |
| लरिबे | लड़ने का | of fighting |
| कर | का | of |
| अभिमाना | अभिमान | pride |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.182
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 182
- सहायक विषय
- रावणादिका जन्म, तपस्या और उनका ऐश्वर्य तथा अत्याचार
- मुद्रित पृष्ठ
- 182, 183
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