बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
गुनह लखन कर हम पर रोषू। कतहुँ सुधाइहु ते बड़ दोषू।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्द[श्रीरामचन्द्रजीने मन-ही-मन कहा—] गुनाह (दोष) तो लक्ष्मणका और क्रोध मुझपर करते हैं! कहीं-कहीं सीधेपनमें भी बड़ा दोष होता है। टेढ़ा जानकर सब लोग किसीकी भी वन्दना करते हैं; टेढ़े चन्द्रमाको राहु भी नहीं ग्रसता॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 268 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
गुनह लखन कर हम पर रोषू। कतहुँ सुधाइहु ते बड़ दोषू।।
टेढ़ जानि सब बंदइ काहू। बक्र चंद्रमहि ग्रसइ न राहू।।
स्रोत अभिलेख 1.281 · पुस्तक पृ. 268, 269
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 गुनह लखन कर हम पर रोषू। कतहुँ सुधाइहु ते बड़ दोषू।।
English explanation
The offense is Lakshmana's, but the anger falls on me. In some situations, even straightforwardness becomes a greater fault.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| गुनह | अपराध | offense |
| लखन | लक्ष्मण | Lakshmana, Rama's brother |
| कर | का | of |
| हम | मुझ | me |
| पर | पर | upon |
| रोषू | क्रोध | anger |
| कतहुँ | कहीं-कहीं | in some situations |
| सुधाइहु | सीधेपन से भी | even through straightforwardness |
| ते | से | from |
| बड़ | बड़ा | greater |
| दोषू | दोष | fault |
2 टेढ़ जानि सब बंदइ काहू। बक्र चंद्रमहि ग्रसइ न राहू।।
English explanation
Everyone bows to someone they know to be difficult; even Rahu does not swallow the curved crescent moon.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| टेढ़ | टेढ़ा या कठोर स्वभाव वाला | crooked or difficult in temperament |
| जानि | जानकर | knowing to be |
| सब | सब लोग | everyone |
| बंदइ | वंदना करते हैं | bows to |
| काहू | किसी को | someone |
| बक्र | वक्र, हँसिए के आकार का | curved, crescent-shaped |
| चंद्रमहि | चंद्रमा को | the moon |
| ग्रसइ | ग्रसता है | swallows |
| न | नहीं | not |
| राहू | ग्रहण करने वाला राहु | Rahu, the mythical eclipse-causer |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.281
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 268
- सहायक विषय
- श्रीराम-लक्ष्मण और परशुराम-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 268, 269
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।