बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
छलु तजि करहि समरु सिवद्रोही। बंधु सहित न त मारउँ तोही।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दअरे शिवद्रोही! छल त्यागकर मुझसे युद्ध कर। नहीं तो भाईसहित तुझे मार डालूँगा। इस प्रकार परशुरामजी कुठार उठाये बक रहे हैं और श्रीरामचन्द्रजी सिर झुकाये मन-ही-मन मुसकरा रहे हैं॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 268 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
छलु तजि करहि समरु सिवद्रोही। बंधु सहित न त मारउँ तोही।।
भृगुपति बकहिं कुठार उठाएँ। मन मुसकाहिं रामु सिर नाएँ।।
स्रोत अभिलेख 1.281 · पुस्तक पृ. 268, 269
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 छलु तजि करहि समरु सिवद्रोही। बंधु सहित न त मारउँ तोही।।
English explanation
You offender against Shiva, abandon deceit and fight; otherwise, I will kill you along with your brother.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| छलु | कपट | deceit |
| तजि | छोड़कर | abandoning |
| करहि | करो | engage in |
| समरु | युद्ध | battle |
| सिवद्रोही | हे शिव के द्रोही | O offender against Shiva |
| बंधु | भाई लक्ष्मण | your brother Lakshmana |
| सहित | साथ | along with |
| न | नहीं | not |
| त | तो | then |
| मारउँ | मैं मार डालूँगा | I will kill |
| तोही | तुम्हें | you |
2 भृगुपति बकहिं कुठार उठाएँ। मन मुसकाहिं रामु सिर नाएँ।।
English explanation
Parashurama speaks angrily with his axe raised; Rama bows his head and smiles inwardly.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| भृगुपति | भृगुवंशी परशुराम | Parashurama of Bhrigu's lineage |
| बकहिं | क्रोध में बकते हैं | speak angrily |
| कुठार | फरसा | axe |
| उठाएँ | उठाए हुए | raised |
| मन | मन में | inwardly |
| मुसकाहिं | मुसकराते हैं | smiles |
| रामु | राम | Rama |
| सिर | सिर | head |
| नाएँ | झुकाए हुए | bowed |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.281
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 268
- सहायक विषय
- श्रीराम-लक्ष्मण और परशुराम-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 268, 269
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।