बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
केहरि कंधर चारु जनेउ। बाहु बिभूषन सुंदर तेऊ।।
मूल पाठ
केहरि कंधर चारु जनेउ। बाहु बिभूषन सुंदर तेऊ।।
करि कर सरि सुभग भुजदंडा। कटि निषंग कर सर कोदंडा।।
स्रोत अभिलेख 1.147 · पुस्तक पृ. 154, 154
भावार्थ
मूल पाठ के बादसिं हकी-सी गर्दन थी, सुन्दर जनेऊ था। भुजाओंमें जो गहने थे, वे भी सुन्दर थे। हाथीकी सूँड़के समान (उतार-चढ़ाववाले) सुन्दर भुजदण्ड थे। कमरमें तरकस और हाथमें बाण और धनुष [शोभा पा रहे] थे॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 154 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 केहरि कंधर चारु जनेउ। बाहु बिभूषन सुंदर तेऊ।।
English explanation
The shoulders are lion-like, and the sacred thread is lovely; the arm ornaments too are beautiful.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| केहरि | सिंह जैसे | lion-like |
| कंधर | कंधे | shoulders |
| चारु | सुंदर | lovely |
| जनेउ | यज्ञोपवीत | sacred thread |
| बाहु | भुजाओं के | of the arms |
| बिभूषन | आभूषण | ornaments |
| सुंदर | सुंदर | beautiful |
| तेऊ | वे भी | those too |
2 करि कर सरि सुभग भुजदंडा। कटि निषंग कर सर कोदंडा।।
English explanation
The handsome arms resemble an elephant’s trunk; a quiver is at the waist, and an arrow and bow are in the hands.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| करि | हाथी की | of an elephant |
| कर | सूँड़ | trunk |
| सरि | समान | like |
| सुभग | सुंदर | handsome |
| भुजदंडा | दंड जैसी भुजाएँ | long, sturdy arms |
| कटि | कमर पर | at the waist |
| निषंग | तरकश | quiver |
| कर | हाथों में | in the hands |
| सर | बाण | arrow |
| कोदंडा | धनुष | bow |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.147
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 154
- सहायक विषय
- मनु-शतरूपा-तप एवं वरदान
- मुद्रित पृष्ठ
- 154, 154
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।