बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
काहुँ न लखा सो चरित बिसेषा। सो सरूप नृपकन्याँ देखा।।
मूल पाठ
काहुँ न लखा सो चरित बिसेषा। सो सरूप नृपकन्याँ देखा।।
मर्कट बदन भयंकर देही। देखत हृदयँ क्रोध भा तेही।।
स्रोत अभिलेख 1.134 · पुस्तक पृ. 143, 144
भावार्थ
मूल पाठ के बादइस विशेष चरितको और किसीने नहीं जाना, केवल राजकन्याने [नारदजीका] वह रूप देखा। उनका बन्दरका-सा मुँह और भयंकर शरीर देखते ही कन्याके हृदयमें क्रोध उत्पन्न हो गया॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 144 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 काहुँ न लखा सो चरित बिसेषा। सो सरूप नृपकन्याँ देखा।।
English explanation
No one perceived that extraordinary occurrence; the princess saw that form.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| काहुँ | किसी ने | anyone |
| न | नहीं | not |
| लखा | देखा; पहचाना | perceived |
| सो | वह | that |
| चरित | घटना; लीला | occurrence |
| बिसेषा | विचित्र; असाधारण | extraordinary |
| सो | वह | that |
| सरूप | रूप | form |
| नृपकन्याँ | राजकुमारी ने | the princess |
| देखा | देखा | saw |
2 मर्कट बदन भयंकर देही। देखत हृदयँ क्रोध भा तेही।।
English explanation
Seeing the monkey face and frightening body, the princess felt anger in her heart.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मर्कट | बंदर का | monkey’s |
| बदन | मुख | face |
| भयंकर | भयावह | frightening |
| देही | शरीर | body |
| देखत | देखते ही | upon seeing |
| हृदयँ | हृदय में | in the heart |
| क्रोध | क्रोध | anger |
| भा | हुआ | arose |
| तेही | उस राजकुमारी के | of that princess |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.134
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 144
- सहायक विषय
- विश्वमोहिनीका स्वयंवर, शिवगणोंको तथा भगवान्को शाप और नारदका मोह-भंग
- मुद्रित पृष्ठ
- 143, 144
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।