बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
काम चरित नारद सब भाषे। जद्यपि प्रथम बरजि सिवँ राखे।।
मूल पाठ
काम चरित नारद सब भाषे। जद्यपि प्रथम बरजि सिवँ राखे।।
अति प्रचंड रघुपति कै माया। जेहि न मोह अस को जग जाया।।
स्रोत अभिलेख 1.128 · पुस्तक पृ. 139, 139
भावार्थ
मूल पाठ के बादयद्यपि श्रीशिवजीने उन्हें पहलेसे ही बरज रखा था, तो भी नारदजीने कामदेवका सारा चरित्र भगवान्को कह सुनाया। श्रीरघुनाथजीकी माया बड़ी ही प्रबल है। जगत्में ऐसा कौन जन्मा है जिसे वह मोहित न कर दे॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 139 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 काम चरित नारद सब भाषे। जद्यपि प्रथम बरजि सिवँ राखे।।
English explanation
Narada recounted the entire episode concerning the god of desire, although Shiva had already forbidden him to tell it.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| काम | कामदेव का | concerning the god of desire |
| चरित | वृत्तांत | episode |
| नारद | मुनि नारद ने | the sage Narada |
| सब | सारा | all |
| भाषे | कह सुनाया | recounted |
| जद्यपि | यद्यपि | although |
| प्रथम | पहले ही | already |
| बरजि | मना करके | having forbidden |
| सिवँ | शिव ने | Shiva |
| राखे | रोक रखा था | had restrained him |
2अति प्रचंड रघुपति कै माया। जेहि न मोह अस को जग जाया।।
English explanation
Rama’s power of illusion is exceedingly strong. Who has been born in this world whom it does not delude?
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अति | अत्यंत | exceedingly |
| प्रचंड | प्रबल | powerful |
| रघुपति | रघुकुल के स्वामी राम | Rama, lord of Raghu’s lineage |
| कै | की | of |
| माया | मोह उत्पन्न करने वाली शक्ति | power of illusion |
| जेहि | जिसे | whom |
| न | नहीं | not |
| मोह | मोहित करे | deludes |
| अस | ऐसा | such a person |
| को | कौन | who |
| जग | संसार में | in the world |
| जाया | जन्मा है | has been born |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.128
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 139
- सहायक विषय
- नारदका अभिमान और मायाका प्रभाव
- मुद्रित पृष्ठ
- 139, 139
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।