बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
कामरूप सुंदर तन धारी। सहित समाज सहित बर नारी।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दवे सब अपने इच्छानुसार रूप धारण करनेवाले सुन्दर शरीर धारणकर सुन्दरी स्त्रियों और समाजोंके साथ हिमाचलके घर गये। सभी स्नेहसहित मङ्गलगीत गाते हैं॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 108 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
कामरूप सुंदर तन धारी। सहित समाज सहित बर नारी।।
गए सकल तुहिनाचल गेहा। गावहिं मंगल सहित सनेहा।।
स्रोत अभिलेख 1.94 · पुस्तक पृ. 108, 108
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 कामरूप सुंदर तन धारी। सहित समाज सहित बर नारी।।
English explanation
Assuming beautiful bodies at will, they came with their retinues and beautiful women.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कामरूप | इच्छानुसार रूप | forms chosen at will |
| सुंदर | सुंदर | beautiful |
| तन | शरीर | bodies |
| धारी | धारण करके | having assumed |
| सहित | साथ | with |
| समाज | अपने समुदाय या अनुचर | their communities or retinues |
| सहित | साथ | with |
| बर | सुंदर, श्रेष्ठ | beautiful, fine |
| नारी | स्त्रियाँ | women |
2 गए सकल तुहिनाचल गेहा। गावहिं मंगल सहित सनेहा।।
English explanation
They all went to Himalaya’s home and sang auspicious songs with affection.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| गए | गए | went |
| सकल | सभी | all |
| तुहिनाचल | हिमालय के | of Himalaya, Parvati’s father |
| गेहा | घर | home |
| गावहिं | गाते हैं | sing |
| मंगल | मंगलगीत | auspicious songs |
| सहित | सहित, साथ | with |
| सनेहा | प्रेम | affection |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.94
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 108
- सहायक विषय
- शिवजीकी विचित्र बारात और विवाहकी तैयारी
- मुद्रित पृष्ठ
- 108, 108
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।