बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
कामरूप खल जिनस अनेका। कुटिल भयंकर बिगत बिबेका।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दवे सब अनेकों जातिके, मनमाना रूप धारण करनेवाले, दुष्ट, कुटिल, भयंकर, विवेकरहित, निर्दयी, हिंसक, पापी और संसारभरको दु:ख देनेवाले हुए; उनका वर्णन नहीं हो सकता॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 178 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
कामरूप खल जिनस अनेका। कुटिल भयंकर बिगत बिबेका।।
कृपा रहित हिंसक सब पापी। बरनि न जाहिं बिस्व परितापी।।
स्रोत अभिलेख 1.176 · पुस्तक पृ. 177, 178
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 कामरूप खल जिनस अनेका। कुटिल भयंकर बिगत बिबेका।।
English explanation
They could assume forms at will and were wicked beings of many kinds—devious, terrifying, and devoid of discernment.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कामरूप | इच्छानुसार रूप धारण करने वाले | able to assume forms at will |
| खल | दुष्ट | wicked |
| जिनस | प्रकार के | of kinds |
| अनेका | अनेक | many |
| कुटिल | कुटिल | devious |
| भयंकर | डरावने | terrifying |
| बिगत | रहित | devoid of |
| बिबेका | विवेक | discernment |
2 कृपा रहित हिंसक सब पापी। बरनि न जाहिं बिस्व परितापी।।
English explanation
All were merciless, violent, and sinful; those tormentors of the world were beyond description.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कृपा | दया | compassion |
| रहित | से रहित | without |
| हिंसक | हिंसा करने वाले | violent |
| सब | सभी | all |
| पापी | पाप करने वाले | sinful |
| बरनि | वर्णन किए | described |
| न | नहीं | not |
| जाहिं | जा सकते | can be |
| बिस्व | संसार को | the world |
| परितापी | संताप देने वाले | tormentors of |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.176
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 178
- सहायक विषय
- रावणादिका जन्म, तपस्या और उनका ऐश्वर्य तथा अत्याचार
- मुद्रित पृष्ठ
- 177, 178
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।