बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
कहहिं परसपर कोकिलबयनीं। एहि बिआहँ बड़ लाभु सुनयनीं।।
मूल पाठ
कहहिं परसपर कोकिलबयनीं। एहि बिआहँ बड़ लाभु सुनयनीं।।
बड़ें भाग बिधि बात बनाई। नयन अतिथि होइहहिं दोउ भाई।।
स्रोत अभिलेख 1.31 · पुस्तक पृ. 291, 292
भावार्थ
मूल पाठ के बादकोयलके समान मधुर बोलनेवाली स्त्रियाँ आपसमें कहती हैं कि हे सुन्दर नेत्रोंवाली! इस विवाहमें बड़ा लाभ है। बड़े भाग्यसे विधाताने सब बात बना दी है, ये दोनों भाई हमारे नेत्रोंके अतिथि हुआ करेंगे॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 292 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 कहहिं परसपर कोकिलबयनीं। एहि बिआहँ बड़ लाभु सुनयनीं।।
English explanation
The women with cuckoo-sweet voices say to one another, ‘Lovely-eyed friends, this marriage brings a great benefit.’
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कहहिं | कहती हैं | say |
| परसपर | एक-दूसरे से | to one another |
| कोकिलबयनीं | कोयल-जैसी मधुर वाणी वाली स्त्रियाँ | women with voices sweet as a cuckoo’s |
| एहि | इस | this |
| बिआहँ | विवाह में | in the marriage |
| बड़ | बड़ा | great |
| लाभु | लाभ | benefit |
| सुनयनीं | हे सुंदर नेत्रों वाली सखियो | O lovely-eyed friends |
2 बड़ें भाग बिधि बात बनाई। नयन अतिथि होइहहिं दोउ भाई।।
English explanation
Through great good fortune, the Creator has arranged this occasion; both brothers will be guests of our eyes.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बड़ें | बड़े | great |
| भाग | सौभाग्य से | through good fortune |
| बिधि | विधाता ने | the Creator |
| बात | यह संयोग | this occasion |
| बनाई | बनाया; व्यवस्थित किया | arranged |
| नयन | आँखों के | of our eyes |
| अतिथि | अतिथि | guests |
| होइहहिं | होंगे | will become |
| दोउ | दोनों | both |
| भाई | भाई, राम और लक्ष्मण | brothers, Rama and Lakshmana |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.31
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 292
- सहायक विषय
- बारातका जनकपुरमें आना और स्वागतादि
- मुद्रित पृष्ठ
- 291, 292
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।