बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
जिन्ह जानकी राम छबि देखी। को सुकृती हम सरिस बिसेषी।।
मूल पाठ
जिन्ह जानकी राम छबि देखी। को सुकृती हम सरिस बिसेषी।।
पुनि देखब रघुबीर बिआहू। लेब भली बिधि लोचन लाहू।।
स्रोत अभिलेख 1.31 · पुस्तक पृ. 291, 292
भावार्थ
मूल पाठ के बादऔर जिन्होंने जानकीजी और श्रीरामचन्द्रजीकी छबि देखी है। हमारे-सरीखा विशेष पुण्यात्मा कौन होगा! और अब हम श्रीरघुनाथजीका विवाह देखेंगे और भलीभाँति नेत्रोंका लाभ लेंगे॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 291 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 जिन्ह जानकी राम छबि देखी। को सुकृती हम सरिस बिसेषी।।
English explanation
We have seen the beauty of Sita and Rama; who is as blessed by merit as we are, or more so?
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जिन्ह | जिन्होंने; हम जिन्होंने | who; we who |
| जानकी | जनक-कन्या सीता की | of Sita, Janaka’s daughter |
| राम | राम की | of Rama |
| छबि | सुंदरता | beauty |
| देखी | देखी | have seen |
| को | कौन | who |
| सुकृती | पुण्यवान | blessed with merit |
| हम | हमारे | us |
| सरिस | समान | equal to |
| बिसेषी | अधिक; बढ़कर | greater; surpassing |
2 पुनि देखब रघुबीर बिआहू। लेब भली बिधि लोचन लाहू।।
English explanation
Then we shall see Rama’s wedding and fully reap the reward of having eyes.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| पुनि | फिर | then; also |
| देखब | हम देखेंगे | we shall see |
| रघुबीर | रघुकुल के वीर राम का | of Rama, hero of Raghu’s lineage |
| बिआहू | विवाह | wedding |
| लेब | हम प्राप्त करेंगे | we shall obtain |
| भली | अच्छी | good |
| बिधि | रीति से | in a manner |
| लोचन | नेत्रों का | of our eyes |
| लाहू | लाभ; सार्थकता | reward; fulfilment |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.31
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 291
- सहायक विषय
- बारातका जनकपुरमें आना और स्वागतादि
- मुद्रित पृष्ठ
- 291, 292
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।