बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
इन्ह सम कोउ न भयउ जग माहीं। है नहिं कतहूँ होनेउ नाहीं।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दइनके समान जगत्में न कोई हुआ, न कहीं है, न होनेका ही है। हम सब भी सम्पूर्ण पुण्योंकी राशि हैं, जो जगत्में जन्म लेकर जनकपुरके निवासी हुए,॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 291 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
इन्ह सम कोउ न भयउ जग माहीं। है नहिं कतहूँ होनेउ नाहीं।।
हम सब सकल सुकृत कै रासी। भए जग जनमि जनकपुर बासी।।
स्रोत अभिलेख 1.31 · पुस्तक पृ. 291, 292
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 इन्ह सम कोउ न भयउ जग माहीं। है नहिं कतहूँ होनेउ नाहीं।।
English explanation
No one like these two has existed in the world, exists anywhere now, or will exist in the future.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| इन्ह | इन दोनों के | these two |
| सम | समान | like |
| कोउ | कोई | anyone |
| न | नहीं | not |
| भयउ | हुआ | has existed |
| जग | संसार | the world |
| माहीं | में | in |
| है | है | exists |
| नहिं | नहीं | not |
| कतहूँ | कहीं भी | anywhere |
| होनेउ | आगे होगा भी | will ever exist |
| नाहीं | नहीं | not |
2 हम सब सकल सुकृत कै रासी। भए जग जनमि जनकपुर बासी।।
English explanation
We are all a treasury of every merit, having been born into this world as residents of Janakpur.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| हम | हम | we |
| सब | सब | all |
| सकल | समस्त | every |
| सुकृत | पुण्यों | merit |
| कै | की | of |
| रासी | राशि; संचित भंडार | a treasury; accumulated store |
| भए | हुए | became |
| जग | संसार में | in the world |
| जनमि | जन्म लेकर | having been born |
| जनकपुर | जनकपुर के | of Janakpur, Janaka’s city |
| बासी | निवासी | residents |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.31
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 291
- सहायक विषय
- बारातका जनकपुरमें आना और स्वागतादि
- मुद्रित पृष्ठ
- 291, 292
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।