बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
कलपभेद हरिचरित सुहाए। भाँति अनेक मुनीसन्ह गाए।।
मूल पाठ
कलपभेद हरिचरित सुहाए। भाँति अनेक मुनीसन्ह गाए।।
करिअ न संसय अस उर आनी। सुनिअ कथा सारद रति मानी।।
स्रोत अभिलेख 1.33 · पुस्तक पृ. 55, 56
भावार्थ
मूल पाठ के बादकल्पभेदके अनुसार श्रीहरिके सुन्दर चरित्रोंको मुनीश्वरोंने अनेकों प्रकारसे गाया है। हृदयमें ऐसा विचारकर संदेह न कीजिये और आदरसहित प्रेमसे इस कथाको सुनिये॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 56 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 कलपभेद हरिचरित सुहाए। भाँति अनेक मुनीसन्ह गाए।।
English explanation
According to differences among cosmic aeons, great sages have sung Hari’s beautiful deeds in many ways.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कलपभेद | कल्पों के भेद के अनुसार | according to differences among cosmic aeons |
| हरिचरित | भगवान हरि के चरित | the deeds of Hari, the Lord |
| सुहाए | सुंदर; मनोहर | beautiful; delightful |
| भाँति | प्रकार से | in ways |
| अनेक | अनेक | many |
| मुनीसन्ह | श्रेष्ठ मुनियों ने | great sages |
| गाए | गाए हैं | have sung |
2 करिअ न संसय अस उर आनी। सुनिअ कथा सारद रति मानी।।
English explanation
Taking this to heart, do not doubt; listen to the story with pure love.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| करिअ | कीजिए | please entertain; make |
| न | नहीं; मत | not; do not |
| संसय | संदेह | doubt |
| अस | यह बात | this understanding |
| उर | हृदय में | into the heart |
| आनी | लाकर; रखकर | having brought; taking |
| सुनिअ | सुनिए | please listen |
| कथा | कथा | the story |
| सारद | निर्मल; शुद्ध | pure; unclouded |
| रति | प्रेम; अनुराग | love; affection |
| मानी | धारण करके | having embraced |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.33
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 56
- सहायक विषय
- मानसनिर्माणकी तिथि
- मुद्रित पृष्ठ
- 55, 56
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।