बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
करि पूजा नैबेद्य चढ़ावा। आपु गई जहँ पाक बनावा।।
मूल पाठ
करि पूजा नैबेद्य चढ़ावा। आपु गई जहँ पाक बनावा।।
बहुरि मातु तहवाँ चलि आई। भोजन करत देख सुत जाई।।
स्रोत अभिलेख 1.201 · पुस्तक पृ. 200, 201
भावार्थ
मूल पाठ के बादपूजा करके नैवेद्य चढ़ाया और स्वयं वहाँ गयी, जहाँ रसोई बनायी गयी थी। फिर माता वहीं (पूजाके स्थानमें) लौट आयी, और वहाँ आनेपर पुत्रको [इष्टदेव भगवान्के लिये चढ़ाये हुए नैवेद्यका] भोजन करते देखा॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 200 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 करि पूजा नैबेद्य चढ़ावा। आपु गई जहँ पाक बनावा।।
English explanation
After worshipping, the mother offered food to the deity, then went herself to the place where she had prepared the meal.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| करि | करके | having performed |
| पूजा | पूजा | worship |
| नैबेद्य | देवता को अर्पित भोजन; नैवेद्य | food offered to the deity |
| चढ़ावा | अर्पित किया | offered |
| आपु | स्वयं | herself |
| गई | गईं | went |
| जहँ | जहाँ | where |
| पाक | पका हुआ भोजन | prepared food; meal |
| बनावा | बनाया था | had prepared |
2 बहुरि मातु तहवाँ चलि आई। भोजन करत देख सुत जाई।।
English explanation
Then the mother returned there and, on arriving, saw her son eating.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बहुरि | फिर | then; again |
| मातु | माता | the mother |
| तहवाँ | वहाँ; पूजा के स्थान पर | there, at the place of worship |
| चलि | चलकर | having walked |
| आई | आईं | came |
| भोजन | भोजन | food; a meal |
| करत | करते हुए | doing; here, eating |
| देख | देखा | saw |
| सुत | पुत्र; बाल राम | her son, the infant Rama |
| जाई | जाकर; पहुँचकर | having gone there; on arriving |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.201
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 200
- सहायक विषय
- श्रीभगवान्का प्राकट्य और बाललीलाका आनन्द
- मुद्रित पृष्ठ
- 200, 201
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