बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
एक बार जननीं अन्हवाए। करि सिंगार पलनाँ पौढ़ाए।।
मूल पाठ
एक बार जननीं अन्हवाए। करि सिंगार पलनाँ पौढ़ाए।।
निज कुल इष्टदेव भगवाना। पूजा हेतु कीन्ह अस्नाना।।
स्रोत अभिलेख 1.201 · पुस्तक पृ. 200, 201
भावार्थ
मूल पाठ के बादएक बार माताने श्रीरामचन्द्रजीको स्नान कराया और शृंगार करके पालनेपर पौढ़ा दिया। फिर अपने कुलके इष्टदेव भगवान्की पूजाके लिये स्नान किया॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 200 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 एक बार जननीं अन्हवाए। करि सिंगार पलनाँ पौढ़ाए।।
English explanation
Once, Mother Kaushalya bathed Rama, adorned him, and laid him in the cradle.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| एक | एक | one |
| बार | बार; अवसर | occasion; time |
| जननीं | माता ने; यहाँ कौसल्या ने | the mother, Kaushalya, as the agent |
| अन्हवाए | नहलाया | bathed him |
| करि | करके | having done |
| सिंगार | श्रृंगार; सजावट | adornment |
| पलनाँ | पालने में | in the cradle |
| पौढ़ाए | लिटाया; सुलाया | laid him down to sleep |
2 निज कुल इष्टदेव भगवाना। पूजा हेतु कीन्ह अस्नाना।।
English explanation
The mother bathed to worship her family's chosen deity.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| निज | अपने | her own |
| कुल | कुल; परिवार | family; lineage |
| इष्टदेव | आराध्य देव | chosen deity of worship |
| भगवाना | भगवान | the Lord |
| पूजा | पूजा; आराधना | worship |
| हेतु | के लिए | for the purpose of |
| कीन्ह | किया | performed |
| अस्नाना | स्नान | bathing |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.201
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 200
- सहायक विषय
- श्रीभगवान्का प्राकट्य और बाललीलाका आनन्द
- मुद्रित पृष्ठ
- 200, 201
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।