बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
करि आरति नेवछावरि करहीं। बार बार सिसु चरनन्हि परहीं।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दवे आरती करके निछावर करती हैं और बार-बार बच्चेके चरणोंपर गिरती हैं। मागध, सूत, वन्दीजन और गवैये रघुकुलके स्वामीके पवित्र गुणोंका गान करते हैं॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 194 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
करि आरति नेवछावरि करहीं। बार बार सिसु चरनन्हि परहीं।।
मागध सूत बंदिगन गायक। पावन गुन गावहिं रघुनायक।।
स्रोत अभिलेख 1.194 · पुस्तक पृ. 194, 195
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 करि आरति नेवछावरि करहीं। बार बार सिसु चरनन्हि परहीं।।
English explanation
They perform the lamp-waving rite and make offerings, repeatedly bowing at the infant’s feet.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| करि | करके | having performed |
| आरति | आरती | the lamp-waving rite |
| नेवछावरि | न्योछावर; समर्पित भेंट | ceremonial offerings |
| करहीं | करती हैं | make |
| बार | बार | time |
| बार | बार; बार-बार | after time; repeatedly |
| सिसु | शिशु राम के | the infant Rama’s |
| चरनन्हि | चरणों में | at the feet |
| परहीं | गिरती हैं; प्रणाम करती हैं | fall down in reverence |
2 मागध सूत बंदिगन गायक। पावन गुन गावहिं रघुनायक।।
English explanation
Royal eulogists, genealogical bards, panegyrists, and singers sing the holy virtues of Rama, leader of the Raghu lineage.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मागध | राजवंश की प्रशंसा करने वाले मागध | royal eulogists |
| सूत | वंशावली सुनाने वाले सूत | genealogical bards |
| बंदिगन | स्तुति करने वाले बंदीजन | panegyrists |
| गायक | गाने वाले | singers |
| पावन | पवित्र | holy |
| गुन | गुण | virtues |
| गावहिं | गाते हैं | sing |
| रघुनायक | रघुकुल के नायक राम के | of Rama, leader of the Raghu lineage |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.194
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 194
- सहायक विषय
- श्रीभगवान्का प्राकट्य और बाललीलाका आनन्द
- मुद्रित पृष्ठ
- 194, 195
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।