बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
कपि आकृति तुम्ह कीन्हि हमारी। करिहहिं कीस सहाय तुम्हारी।।
मूल पाठ
कपि आकृति तुम्ह कीन्हि हमारी। करिहहिं कीस सहाय तुम्हारी।।
मम अपकार कीन्ही तुम्ह भारी। नारी बिरहँ तुम्ह होब दुखारी।।
स्रोत अभिलेख 1.137 · पुस्तक पृ. 146, 146
भावार्थ
मूल पाठ के बादतुमने हमारा रूप बन्दरका-सा बना दिया था, इससे बन्दर ही तुम्हारी सहायता करेंगे। [मैं जिस स्त्रीको चाहता था, उससे मेरा वियोग कराकर] तुमने मेरा बड़ा अहित किया है, इससे तुम भी स्त्रीके वियोगमें दु:खी होगे॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 146 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 कपि आकृति तुम्ह कीन्हि हमारी। करिहहिं कीस सहाय तुम्हारी।।
English explanation
You made my appearance like a monkey’s; monkeys will help you.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कपि | वानर की | a monkey’s |
| आकृति | आकृति; रूप | appearance |
| तुम्ह | तुमने | you |
| कीन्हि | बनाई | made |
| हमारी | मेरी | my |
| करिहहिं | करेंगे | will provide |
| कीस | वानर | monkeys |
| सहाय | सहायता | help |
| तुम्हारी | तुम्हारी | for you |
2 मम अपकार कीन्ही तुम्ह भारी। नारी बिरहँ तुम्ह होब दुखारी।।
English explanation
You have done me great harm; you will suffer from separation from your wife.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मम | मेरा; मेरे प्रति | to me |
| अपकार | अहित | harm |
| कीन्ही | किया है | have done |
| तुम्ह | तुमने | you |
| भारी | बहुत बड़ा | great |
| नारी | पत्नी के | from your wife |
| बिरहँ | वियोग में | in separation |
| तुम्ह | तुम | you |
| होब | होगे | will become |
| दुखारी | दुःखी | sorrowful |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.137
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 146
- सहायक विषय
- विश्वमोहिनीका स्वयंवर, शिवगणोंको तथा भगवान्को शाप और नारदका मोह-भंग
- मुद्रित पृष्ठ
- 146, 146
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।