बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
कछुक ऊँचि सब भाँति सुहाई। बैठहिं नगर लोग जहँ जाई।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दवह कुछ ऊँचा था और सब प्रकारसे सुन्दर था, जहाँ जाकर नगरके लोग बैठेंगे। उन्हींके पास विशाल एवं सुन्दर सफेद मकान अनेक रंगोंके बनाये गये हैं,॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 220 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
कछुक ऊँचि सब भाँति सुहाई। बैठहिं नगर लोग जहँ जाई।।
तिन्ह के निकट बिसाल सुहाए। धवल धाम बहुबरन बनाए।।
स्रोत अभिलेख 1.224 · पुस्तक पृ. 220, 221
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 कछुक ऊँचि सब भाँति सुहाई। बैठहिं नगर लोग जहँ जाई।।
English explanation
Those platforms were somewhat elevated and pleasing in every way; the townspeople would go there and sit.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कछुक | कुछ | somewhat |
| ऊँचि | ऊँची | elevated |
| सब | हर | every |
| भाँति | प्रकार से | in respect |
| सुहाई | सुंदर | pleasing |
| बैठहिं | बैठते | would sit |
| नगर | नगर के | of the town |
| लोग | लोग | people |
| जहँ | जहाँ | where |
| जाई | जाकर | having gone |
2 तिन्ह के निकट बिसाल सुहाए। धवल धाम बहुबरन बनाए।।
English explanation
Near those platforms, spacious, beautiful white buildings had been constructed with multicolored decoration.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तिन्ह | उन मंचों | those platforms |
| के | के | of |
| निकट | पास | near |
| बिसाल | विशाल | spacious |
| सुहाए | सुंदर | beautiful |
| धवल | श्वेत | white |
| धाम | भवन | buildings |
| बहुबरन | अनेक रंगों से सजे | adorned in many colors |
| बनाए | बनाए गए थे | had been built |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.224
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 220
- सहायक विषय
- श्रीराम-लक्ष्मणका जनकपुर-निरीक्षण
- मुद्रित पृष्ठ
- 220, 221
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।