बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
चहुँ दिसि कंचन मंच बिसाला। रचे जहाँ बेठहिं महिपाला।।
मूल पाठ
चहुँ दिसि कंचन मंच बिसाला। रचे जहाँ बेठहिं महिपाला।।
तेहि पाछें समीप चहुँ पासा। अपर मंच मंडली बिलासा।।
स्रोत अभिलेख 1.224 · पुस्तक पृ. 220, 221
भावार्थ
मूल पाठ के बादचारों ओर सोनेके बड़े-बड़े मंच बने थे, जिनपर राजा लोग बैठेंगे। उनके पीछे समीप ही चारों ओर दूसरे मचानोंका मण्डलाकार घेरा सुशोभित था॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 220 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 चहुँ दिसि कंचन मंच बिसाला। रचे जहाँ बेठहिं महिपाला।।
English explanation
Large golden platforms had been constructed on all four sides for the kings to sit on.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| चहुँ | चारों | all four |
| दिसि | दिशाओं में | on the sides |
| कंचन | स्वर्णमय | golden |
| मंच | मंच | platforms |
| बिसाला | विशाल | large |
| रचे | बनाए गए थे | had been constructed |
| जहाँ | जहाँ | where |
| बेठहिं | बैठते | would sit |
| महिपाला | राजा | kings |
2 तेहि पाछें समीप चहुँ पासा। अपर मंच मंडली बिलासा।।
English explanation
Behind them, close by on every side, another attractive group of platforms stood in splendor.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तेहि | उन मंचों के | of those platforms |
| पाछें | पीछे | behind |
| समीप | पास ही | close by |
| चहुँ | चारों | all four |
| पासा | ओर | sides |
| अपर | अन्य | other |
| मंच | मंचों का | of platforms |
| मंडली | समूह | group |
| बिलासा | शोभायमान था | stood in splendor |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.224
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 220
- सहायक विषय
- श्रीराम-लक्ष्मणका जनकपुर-निरीक्षण
- मुद्रित पृष्ठ
- 220, 221
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।