बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
और एक तोहि कहऊँ लखाऊ। मैं एहि बेष न आउब काऊ।।
मूल पाठ
और एक तोहि कहऊँ लखाऊ। मैं एहि बेष न आउब काऊ।।
तुम्हरे उपरोहित कहुँ राया। हरि आनब मैं करि निज माया।।
स्रोत अभिलेख 1.169 · पुस्तक पृ. 172, 172
भावार्थ
मूल पाठ के बादमैं एक और पहचान तुमको बताये देता हूँ कि मैं इस रूपमें कभी न आऊँगा। हे राजन्! मैं अपनी मायासे तुम्हारे पुरोहितको हर लाऊँगा॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 172 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 और एक तोहि कहऊँ लखाऊ। मैं एहि बेष न आउब काऊ।।
English explanation
I tell you one more thing clearly: I will never come in this guise.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| और | और | another |
| एक | एक बात | one thing |
| तोहि | तुम्हें | to you |
| कहऊँ | कहता हूँ | I tell |
| लखाऊ | स्पष्ट करके | making it clear |
| मैं | मैं | I |
| एहि | इस | this |
| बेष | वेश में | in this guise |
| न | नहीं | not |
| आउब | आऊँगा | will come |
| काऊ | कभी भी | ever |
2 तुम्हरे उपरोहित कहुँ राया। हरि आनब मैं करि निज माया।।
English explanation
O king, using my own magic, I will abduct your priest and bring him here.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तुम्हरे | तुम्हारे | your |
| उपरोहित | पुरोहित | royal priest |
| कहुँ | को | marking the object |
| राया | हे राजन् | O king |
| हरि | हरण करके | having abducted |
| आनब | ले आऊँगा | will bring |
| मैं | मैं | I |
| करि | प्रयोग करके | using |
| निज | अपनी | my own |
| माया | माया | magical power |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.169
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 172
- सहायक विषय
- प्रतापभानुकी कथा
- मुद्रित पृष्ठ
- 172, 172
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।