बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
एहि बिधि भूप कष्ट अति थोरें। होइहहिं सकल बिप्र बस तोरें।।
मूल पाठ
एहि बिधि भूप कष्ट अति थोरें। होइहहिं सकल बिप्र बस तोरें।।
करिहहिं बिप्र होम मख सेवा। तेहिं प्रसंग सहजेहिं बस देवा।।
स्रोत अभिलेख 1.169 · पुस्तक पृ. 172, 172
भावार्थ
मूल पाठ के बादहे राजन्! इस प्रकार बहुत ही थोड़े परिश्रमसे सब ब्राह्मण तुम्हारे वशमें हो जायँगे। ब्राह्मण हवन, यज्ञ और सेवा-पूजा करेंगे, तो उस प्रसंग (सम्बन्ध) से देवता भी सहज ही वशमें हो जायँगे॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 172 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 एहि बिधि भूप कष्ट अति थोरें। होइहहिं सकल बिप्र बस तोरें।।
English explanation
O king, in this way, with very little effort, all the Brahmins will come under your control.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| एहि | इस | this |
| बिधि | विधि से | by this method |
| भूप | हे राजन् | O king |
| कष्ट | कष्ट से | with effort |
| अति | बहुत | very |
| थोरें | थोड़े | little |
| होइहहिं | हो जाएँगे | will become |
| सकल | सभी | all |
| बिप्र | ब्राह्मण | Brahmins |
| बस | वश में | under control |
| तोरें | तुम्हारे | your |
2 करिहहिं बिप्र होम मख सेवा। तेहिं प्रसंग सहजेहिं बस देवा।।
English explanation
The Brahmins will perform fire offerings, sacrifices, and service; through these, the gods will readily come under your control.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| करिहहिं | करेंगे | will perform |
| बिप्र | ब्राह्मण | Brahmins |
| होम | अग्नि में आहुति | fire offerings |
| मख | यज्ञ | sacrifices |
| सेवा | सेवा | service |
| तेहिं | उस | that |
| प्रसंग | प्रसंग से | through that occasion |
| सहजेहिं | सहज ही | readily |
| बस | वश में | under control |
| देवा | देवता | the gods |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.169
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 172
- सहायक विषय
- प्रतापभानुकी कथा
- मुद्रित पृष्ठ
- 172, 172
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।