बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
एक बार कालउ किन होऊ। सिय हित समर जितब हम सोऊ।।
मूल पाठ
एक बार कालउ किन होऊ। सिय हित समर जितब हम सोऊ।।
यह सुनि अवर महिप मुसकाने। धरमसील हरिभगत सयाने।।
स्रोत अभिलेख 1.245 · पुस्तक पृ. 238, 239
भावार्थ
मूल पाठ के बादकाल ही क्यों न हो, एक बार तो सीताके लिये उसे भी हम युद्धमें जीत लेंगे। यह घमण्डकी बात सुनकर दूसरे राजा, जो धर्मात्मा, हरिभक्त और सयाने थे, मुसकराये॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 239 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 एक बार कालउ किन होऊ। सिय हित समर जितब हम सोऊ।।
English explanation
Even if the opponent were Death himself, we would defeat even him in battle for Sita.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| एक | एक | one |
| बार | बार; अवसर | occasion |
| कालउ | काल भी | even Death |
| किन | क्यों न | even if |
| होऊ | हो | were |
| सिय | सीता के | Sita’s |
| हित | लिए | for the sake of |
| समर | युद्ध में | in battle |
| जितब | जीत लेंगे | will defeat |
| हम | हम | we |
| सोऊ | उसे भी | even him |
2 यह सुनि अवर महिप मुसकाने। धरमसील हरिभगत सयाने।।
English explanation
Hearing this, other kings smiled—those who were righteous, devoted to Hari, and discerning.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| यह | यह | this |
| सुनि | सुनकर | hearing |
| अवर | दूसरे | other |
| महिप | राजा | kings |
| मुसकाने | मुसकराए | smiled |
| धरमसील | धर्मशील; सदाचारी | righteous |
| हरिभगत | हरि के भक्त | devotees of Hari |
| सयाने | समझदार; विवेकी | wise; discerning |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.245
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 239
- सहायक विषय
- श्रीराम-लक्ष्मणसहित विश्वामित्रका यज्ञशालामें प्रवेश
- मुद्रित पृष्ठ
- 238, 239
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