बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
उपरोहितहि कहेउ नरनाहा। अब बिलंब कर कारनु काहा।।
मूल पाठ
उपरोहितहि कहेउ नरनाहा। अब बिलंब कर कारनु काहा।।
सतानंद तब सचिव बोलाए। मंगल सकल साजि सब ल्याए।।
स्रोत अभिलेख 1.313 · पुस्तक पृ. 294, 294
भावार्थ
मूल पाठ के बादतब राजा जनकने पुरोहित शतानन्दजीसे कहा कि अब देरका क्या कारण है। तब शतानन्दजीने मन्त्रियोंको बुलाया। वे सब मङ्गलका सामान सजाकर ले आये॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 294 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 उपरोहितहि कहेउ नरनाहा। अब बिलंब कर कारनु काहा।।
English explanation
AI draft: King Janaka said to the priest, “What reason is there for delay now?”
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| उपरोहितहि | पुरोहित से | to the royal priest |
| कहेउ | कहा | said |
| नरनाहा | राजा जनक ने | King Janaka |
| अब | अब | now |
| बिलंब | विलंब | delay |
| कर | का | of |
| कारनु | कारण | reason |
| काहा | क्या | what |
2 सतानंद तब सचिव बोलाए। मंगल सकल साजि सब ल्याए।।
English explanation
Then Shatananda summoned the ministers; they prepared and brought all the auspicious ceremonial materials.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सतानंद | जनक के पुरोहित शतानंद ने | Shatananda, Janaka’s priest |
| तब | तब | then |
| सचिव | मंत्रियों को | the ministers |
| बोलाए | बुलाया | summoned |
| मंगल | मंगल-सामग्री | auspicious ceremonial materials |
| सकल | समस्त | all |
| साजि | तैयार करके | having prepared |
| सब | सभी | all of them |
| ल्याए | ले आए | brought |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.313
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 294
- सहायक विषय
- बारातका जनकपुरमें आना और स्वागतादि
- मुद्रित पृष्ठ
- 294, 294
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।