बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
संख निसान पनव बहु बाजे। मंगल कलस सगुन सुभ साजे।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दशङ्ख, नगाड़े, ढोल और बहुत-से बाजे बजने लगे तथा मङ्गल-कलश और शुभ शकुनकी वस्तुएँ (दधि, दूर्वा आदि) सजायी गयीं। सुन्दर सुहागिन स्त्रियाँ गीत गा रही हैं और पवित्र ब्राह्मण वेदकी ध्वनि कर रहे हैं॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 294 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
संख निसान पनव बहु बाजे। मंगल कलस सगुन सुभ साजे।।
सुभग सुआसिनि गावहिं गीता। करहिं बेद धुनि बिप्र पुनीता।।
स्रोत अभिलेख 1.313 · पुस्तक पृ. 294, 294
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 संख निसान पनव बहु बाजे। मंगल कलस सगुन सुभ साजे।।
English explanation
Conches, kettledrums, and many small drums sounded; auspicious ceremonial pots and objects of good omen were arranged.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| संख | शंख | conches |
| निसान | नगाड़े | kettledrums |
| पनव | छोटे ढोल | small drums |
| बहु | अनेक | many |
| बाजे | बजे | sounded |
| मंगल | मांगलिक | auspicious ceremonial |
| कलस | कलश | pots |
| सगुन | शकुन की सामग्री | objects of good omen |
| सुभ | शुभ | auspicious |
| साजे | सजाए गए | were arranged |
2 सुभग सुआसिनि गावहिं गीता। करहिं बेद धुनि बिप्र पुनीता।।
English explanation
Graceful married women sing songs, and pure Brahmins chant the Vedas.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुभग | सुंदर | graceful |
| सुआसिनि | सुहागिन स्त्रियाँ | married women whose husbands are living |
| गावहिं | गाती हैं | sing |
| गीता | गीत | songs |
| करहिं | करते हैं | make |
| बेद | वेदों की | of the Vedas |
| धुनि | पाठ-ध्वनि | the sound of chanting |
| बिप्र | ब्राह्मण | Brahmins |
| पुनीता | पवित्र | pure |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.313
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 294
- सहायक विषय
- बारातका जनकपुरमें आना और स्वागतादि
- मुद्रित पृष्ठ
- 294, 294
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।