बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
लेन चले सादर एहि भाँती। गए जहाँ जनवास बराती।।
मूल पाठ
लेन चले सादर एहि भाँती। गए जहाँ जनवास बराती।।
कोसलपति कर देखि समाजू। अति लघु लाग तिन्हहि सुरराजू।।
स्रोत अभिलेख 1.313 · पुस्तक पृ. 294, 294
भावार्थ
मूल पाठ के बादसब लोग इस प्रकार आदरपूर्वक बारातको लेने चले और जहाँ बरातियोंका जनवासा था, वहाँ गये। अवधपति दशरथजीका समाज (वैभव) देखकर उनको देवराज इन्द्र भी बहुत ही तुच्छ लगने लगे॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 294 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 लेन चले सादर एहि भाँती। गए जहाँ जनवास बराती।।
English explanation
In this manner they set out respectfully to receive the wedding party and reached the lodging where its members were staying.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| लेन | लेने के लिए | to receive and escort |
| चले | चले | set out |
| सादर | आदरपूर्वक | respectfully |
| एहि | इस | this |
| भाँती | प्रकार | manner |
| गए | पहुँचे | reached |
| जहाँ | जहाँ | where |
| जनवास | बारात का ठहरने का स्थान | the wedding party’s lodging |
| बराती | बराती | members of the wedding party |
2 कोसलपति कर देखि समाजू। अति लघु लाग तिन्हहि सुरराजू।।
English explanation
Seeing the company of Dasharatha, king of Kosala, they found even Indra, king of the gods, very insignificant by comparison.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कोसलपति | कोसल के राजा दशरथ | Dasharatha, king of Kosala |
| कर | का | of |
| देखि | देखकर | having seen |
| समाजू | समाज और साथ आया समुदाय | assembled company and retinue |
| अति | बहुत | very |
| लघु | छोटे | insignificant |
| लाग | लगे | seemed |
| तिन्हहि | उन्हें | to them |
| सुरराजू | देवराज इंद्र | Indra, king of the gods |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.313
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 294
- सहायक विषय
- बारातका जनकपुरमें आना और स्वागतादि
- मुद्रित पृष्ठ
- 294, 294
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।