बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
अपतु अजामिलु गजु गनिकाऊ। भए मुकुत हरि नाम प्रभाऊ।।
मूल पाठ
अपतु अजामिलु गजु गनिकाऊ। भए मुकुत हरि नाम प्रभाऊ।।
कहौं कहाँ लगि नाम बड़ाई। रामु न सकहिं नाम गुन गाई।।
स्रोत अभिलेख 1.26 · पुस्तक पृ. 47, 48
भावार्थ
मूल पाठ के बादनीच अजामिल, गज और गणिका (वेश्या) भी श्रीहरिके नामके प्रभावसे मुक्त हो गये। मैं नामकी बड़ाई कहाँतक कहूँ, राम भी नामके गुणोंको नहीं गा सकते॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 48 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 अपतु अजामिलु गजु गनिकाऊ। भए मुकुत हरि नाम प्रभाऊ।।
English explanation
The fallen Ajamila, the elephant, and the courtesan were liberated through the power of Hari’s Name.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अपतु | पतित; अनधिकारी | fallen; unworthy |
| अजामिलु | अजामिल नामक व्यक्ति | Ajamila |
| गजु | हाथी; गजेंद्र | the elephant, Gajendra |
| गनिकाऊ | गणिका; वेश्या | the courtesan |
| भए | हुए | became |
| मुकुत | मुक्त | liberated |
| हरि | भगवान विष्णु के | of Lord Vishnu |
| नाम | नाम के | Name’s |
| प्रभाऊ | प्रभाव से | through the power of |
2 कहौं कहाँ लगि नाम बड़ाई। रामु न सकहिं नाम गुन गाई।।
English explanation
How far can I recount the greatness of the Name? Even Rama cannot fully sing its virtues.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कहौं | मैं कहूँ | shall I recount |
| कहाँ | कहाँ; किस सीमा | where; to what extent |
| लगि | तक | up to |
| नाम | राम के नाम की | of Rama’s Name |
| बड़ाई | महिमा | greatness |
| रामु | भगवान राम भी | even Lord Rama |
| न | नहीं | not |
| सकहिं | सकते | can |
| नाम | नाम के | of the Name |
| गुन | गुण | virtues |
| गाई | गा पाना | sing |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.26
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 48
- सहायक विषय
- श्रीनाम-वन्दना और नाम-महिमा
- मुद्रित पृष्ठ
- 47, 48
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।