अयोध्याकाण्ड · दोहा 89 · दोहा/सोरठा
सिय सुमंत्र भ्राता सहित कंद मूल फल खाइ।
सिय सुमंत्र भ्राता सहित कंद मूल फल खाइ।
सयन कीन्ह रघुबंसमनि पाय पलोटत भाइ।।89।।
मूल पाठ · स्रोत अभिलेख 2.89 · पुस्तक पृ. 417, 417
भावार्थ और शब्दार्थ
1सिय सुमंत्र भ्राता सहित कंद मूल फल खाइ।
सीता, सुमंत्र और भाई लक्ष्मण के साथ कंद, मूल और फल खाकर राम ने आगे वर्णित शयन किया।
English explanation
Having eaten tubers, roots, and fruits with Sita, Sumantra, and his brother Lakshmana, Rama lay down, as stated in the following line.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सिय | सीता | Sita |
| सुमंत्र | सुमंत्र, राजा के मंत्री और सारथी | Sumantra, the king’s minister and charioteer |
| भ्राता | भाई लक्ष्मण | his brother Lakshmana |
| सहित | के साथ | together with |
| कंद | खाने योग्य कंद | edible tubers |
| मूल | जड़ें | roots |
| फल | फल | fruits |
| खाइ | खाकर | having eaten |
2 सयन कीन्ह रघुबंसमनि पाय पलोटत भाइ।।89।।
रघुवंश के रत्न राम शयन करने लगे और भाई लक्ष्मण उनके पैर दबाने लगे।
English explanation
Rama, jewel of the Raghu lineage, lay down to rest, while his brother Lakshmana massaged his feet.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सयन | शयन, विश्राम | lying down to rest |
| कीन्ह | किया | did |
| रघुबंसमनि | रघुवंश के रत्न राम ने | Rama, jewel of the Raghu lineage |
| पाय | पैर | feet |
| पलोटत | दबाते हुए | massaging |
| भाइ | भाई लक्ष्मण | his brother Lakshmana |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- दोहा/सोरठा 89
- स्रोत अभिलेख
- 2.89
- सहायक विषय
- श्रीरामका शृङ्गवेरपुर पहुँचना, निषादके द्वारा सेवा
- मुद्रित पृष्ठ
- 417, 417
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