अयोध्याकाण्ड · दोहा 141 · दोहा/सोरठा
रामु लखन सीता सहित सोहत परन निकेत।
रामु लखन सीता सहित सोहत परन निकेत।
जिमि बासव बस अमरपुर सची जयंत समेत।।141।।
मूल पाठ · स्रोत अभिलेख 2.141 · पुस्तक पृ. 460, 461
भावार्थ और शब्दार्थ
AI प्रारूपशब्दार्थ और भावार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। इन्हें अंतिम व्याख्या न मानें।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1रामु लखन सीता सहित सोहत परन निकेत।
राम, लक्ष्मण और सीता के साथ पत्तों की कुटिया में सुशोभित हैं—
English explanation
Rama shines in the leaf-thatched dwelling with Lakshmana and Sita—
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| रामु | राम | Rama |
| लखन | लक्ष्मण | Lakshmana |
| सीता | सीता | Sita |
| सहित | के साथ | together with |
| सोहत | सुशोभित हैं | shines splendidly |
| परन | पत्तों का | made of leaves |
| निकेत | निवास में | in the dwelling |
2 जिमि बासव बस अमरपुर सची जयंत समेत।।141।।
जैसे इंद्र शची और जयंत सहित देवताओं की नगरी में निवास करते हैं।
English explanation
As Indra dwells in the city of the gods with Shachi and Jayanta.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जिमि | जैसे | just as |
| बासव | इंद्र, देवताओं के राजा | Indra, king of the gods |
| बस | निवास करते हैं | dwells |
| अमरपुर | देवताओं की नगरी में | in the city of the gods |
| सची | शची, इंद्र की पत्नी | Shachi, Indra’s wife |
| जयंत | जयंत, इंद्र के पुत्र | Jayanta, Indra’s son |
| समेत | सहित | together with |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- दोहा/सोरठा 141
- स्रोत अभिलेख
- 2.141
- सहायक विषय
- चित्रकूटमें निवास, कोल-भीलोंके द्वारा सेवा
- मुद्रित पृष्ठ
- 460, 461
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।